संवाददाता: राजेन्द्र कुमार
राजापाकर, वैशाली।
वैशाली जिले के राजापाकर प्रखंड के विभिन्न गांवों में मोहर्रम का पर्व शनिवार को शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में मनाया गया। इस अवसर पर इस्लाम धर्मावलंबियों ने ताजिया और अलम (शीपल) के साथ पारंपरिक जुलूस निकाला तथा हजरत इमाम हुसैन की शहादत को श्रद्धापूर्वक याद किया।

राजापाकर तकिया टोला, भुवनेश्वर चौक, पुरानी बाजार, बैकुंठपुर, बाकरपुर, जफरपट्टी, बखरी, पोखरैरा सहित कई गांवों से ताजिया जुलूस निकाले गए। सभी जुलूस पोखरैरा स्थित कर्बला मैदान पहुंचे, जहां पारंपरिक खेल-तमाशे और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए गए।
स्थानीय ग्रामीण बाबर खान ने बताया कि मोहर्रम का पर्व हजरत इमाम हुसैन तथा उनके परिवार और 72 साथियों की शहादत की याद में मनाया जाता है। उन्होंने कहा कि कर्बला का संदेश सत्य, न्याय, त्याग, धैर्य और अन्याय के विरुद्ध संघर्ष का प्रतीक है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, वर्ष 680 ईस्वी में कर्बला के मैदान में हजरत इमाम हुसैन ने अत्याचार के विरुद्ध संघर्ष करते हुए अपने परिवार और 72 साथियों के साथ शहादत दी थी। इसी बलिदान की स्मृति में दुनिया भर के मुसलमान मोहर्रम मनाते हैं। शिया समुदाय के लोग मातम करते हैं, जबकि सुन्नी समुदाय के लोग रोजा रखकर इबादत करते हैं।
मोहर्रम के अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं गणमान्य लोगों की भी उपस्थिति रही। इस दौरान मुखिया मंजे लाल राय, बाबर खान, रहमान खान, शाकिर खान, मो. कमरुल, मो. गुलाम शाबिर, मो. इस्लाम, मो. नईम, मो. शाहिम सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।