संवाददाता : राजेन्द्र कुमार
हाजीपुर, वैशाली।
जिला विधिज्ञ संघ भवन के पुस्तकालय कक्ष में भाजपा समर्थित अधिवक्ताओं द्वारा “संविधान हत्या दिवस” विषय पर एक गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में वक्ताओं ने 25 जून 1975 को लगाए गए आपातकाल को भारतीय लोकतंत्र का काला अध्याय बताते हुए उसके विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की।
गोष्ठी को संबोधित करते हुए भाजपा किसान मोर्चा, बिहार प्रदेश के मीडिया प्रभारी एवं अधिवक्ता हरेश कुमार सिंह ने कहा कि आपातकाल के दौरान लोकतंत्र, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और संवैधानिक मूल्यों पर गंभीर प्रहार हुआ था।

उन्होंने कहा कि उस समय विरोध की आवाजों को दबाया गया, मीडिया पर प्रतिबंध लगाए गए और विपक्षी नेताओं को जेलों में बंद किया गया। लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष करने वाले लोकतंत्र सेनानियों के योगदान को देश कभी नहीं भूल सकता।
वरिष्ठ अधिवक्ता मनोज कुमार सिंह एवं संतोष कुमार सिंह ने आपातकाल के दौर की घटनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि उस समय सरकारी तंत्र का व्यापक दुरुपयोग हुआ था। उन्होंने लोकतांत्रिक संस्थाओं की मजबूती और संविधान की रक्षा के महत्व पर बल दिया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता अधिवक्ता संजय कुमार सिंह ने की, जबकि संचालन अधिवक्ता गिरधारी पंडित ने किया। धन्यवाद ज्ञापन अधिवक्ता ललित सिंह मिलन ने किया।
इस अवसर पर अधिवक्ता विजय कुमार सिंह, लालेश्वर सिंह, धर्मेंद्र राय, कुन्दन कुमार, शम्भू शरण, भोला कुमार सिंह, कुमोद कुमार और अनिल कुमार गुप्ता सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ताओं ने अपने विचार व्यक्त किए। वक्ताओं ने आपातकाल को भारतीय लोकतंत्र का एक काला अध्याय बताते हुए संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के प्रति जागरूक रहने का आह्वान किया।