संवाददाता : राजेन्द्र कुमार
हाजीपुर, वैशाली
वैशाली जिले के बेलसर थाना कांड संख्या-492/2023 से जुड़े चर्चित बलात्कार मामले में न्यायालय ने दोषी अभियुक्त अब्दुल हकीम को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने भारतीय दंड संहिता की धारा 376 के तहत अभियुक्त को सश्रम आजीवन कारावास एवं 50 हजार रुपये जुर्माना से दंडित किया है।
जुर्माना अदा नहीं करने की स्थिति में उसे अतिरिक्त तीन माह का कारावास भुगतना होगा।सजा के बिंदु पर सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने अपराध को अत्यंत गंभीर एवं समाज विरोधी बताते हुए कठोर दंड की मांग की। वहीं बचाव पक्ष ने अभियुक्त की लगभग 62 वर्ष की आयु तथा प्रथम अपराध होने का हवाला देते हुए न्यूनतम सजा देने का अनुरोध किया।न्यायालय ने अपने आदेश में कहा कि अभियुक्त ने पीड़िता के विश्वास को तोड़ते हुए जघन्य अपराध किया है।
अदालत ने माना कि पीड़िता एक इंजीनियरिंग छात्रा थी, जिसे घटना के कारण मानसिक, शारीरिक एवं सामाजिक पीड़ा का सामना करना पड़ा और इसका प्रभाव उसके जीवन पर दीर्घकालिक रूप से पड़ेगा। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि ऐसे गंभीर मामलों में केवल उम्र के आधार पर नरमी नहीं बरती जा सकती।
अदालत ने अन्य धाराओं में भी सजा सुनाई। धारा 506 के तहत पांच वर्ष का सश्रम कारावास एवं 20 हजार रुपये जुर्माना, धारा 323 के तहत एक वर्ष का सश्रम कारावास, धारा 341 के तहत एक माह का साधारण कारावास तथा धारा 342 के तहत एक वर्ष का साधारण कारावास दिया गया है।
न्यायालय ने आदेश दिया कि सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी तथा अभियुक्त द्वारा पूर्व में जेल में बिताई गई अवधि को सजा में समायोजित किया जाएगा। साथ ही पीड़िता को दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 357 तथा बिहार पीड़ित प्रतिकर योजना के तहत उचित प्रतिकर प्रदान किए जाने का भी निर्देश दिया गया है।
न्यायालय के इस फैसले को महिला सुरक्षा एवं महिलाओं के विरुद्ध होने वाले गंभीर अपराधों के खिलाफ एक सशक्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है।