संवाददाता : मोहन सिंह
बेतिया/पश्चिमी चंपारण।
पश्चिम चंपारण जिले में इन दिनों धान की रोपनी का कार्य पूरे उत्साह और तेज गति से चल रहा है। खेतों में किसानों की व्यस्तता और हरियाली की तैयारियों के बीच कृषि विभाग भी किसानों की समस्याओं के समाधान एवं आधुनिक कृषि तकनीकों के प्रसार में सक्रिय भूमिका निभा रहा है।
इसी क्रम में जिला कृषि पदाधिकारी सरफराज असगर ने बगहा-2 प्रखंड के विभिन्न पंचायत क्षेत्रों का भ्रमण कर किसानों के बीच पहुंचकर धान रोपनी कार्य का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने खेत में उतरकर किसानों के साथ धान की रोपनी में भाग लिया, जिससे किसानों में उत्साह का संचार हुआ। किसानों ने भी जिला कृषि पदाधिकारी का स्वागत करते हुए अपनी कृषि संबंधी समस्याओं, अनुभवों एवं सुझावों को साझा किया।
क्षेत्र भ्रमण के दौरान जिला कृषि पदाधिकारी ने किसानों से सीधा संवाद स्थापित कर वर्तमान कृषि परिदृश्य, मौसम की स्थिति तथा धान की बेहतर पैदावार के लिए अपनाई जाने वाली वैज्ञानिक विधियों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि कृषि विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं का उद्देश्य किसानों की आय बढ़ाना और खेती को अधिक लाभकारी बनाना है। उन्होंने किसानों से विभागीय योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की।
उन्होंने किसानों को प्राकृतिक खेती के महत्व के बारे में भी जानकारी दी। जिला कृषि पदाधिकारी ने कहा कि रासायनिक उर्वरकों एवं कीटनाशकों के अत्यधिक उपयोग से मिट्टी की उर्वरता प्रभावित होती है, जबकि प्राकृतिक खेती भूमि की गुणवत्ता बनाए रखने के साथ-साथ उत्पादन लागत को भी कम करती है। उन्होंने किसानों को गोबर, जीवामृत, घनजीवामृत तथा अन्य जैविक संसाधनों के उपयोग को बढ़ावा देने और पर्यावरण अनुकूल खेती अपनाने के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने बताया कि प्राकृतिक खेती से उत्पादित कृषि उपज की बाजार में मांग लगातार बढ़ रही है, जिससे किसानों को बेहतर मूल्य मिलने की संभावना रहती है। साथ ही यह खेती मानव स्वास्थ्य और पर्यावरण संरक्षण की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है।
भ्रमण के दौरान किसानों ने कृषि विभाग के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि अधिकारियों का खेतों तक पहुंचकर सीधे किसानों से संवाद करना उनके लिए लाभदायक साबित हो रहा है। किसानों ने विभागीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन एवं तकनीकी मार्गदर्शन के लिए जिला कृषि पदाधिकारी का आभार व्यक्त किया।
जिला कृषि पदाधिकारी ने किसानों से मौसम आधारित कृषि सलाह का पालन करने, प्रमाणित बीजों का उपयोग करने तथा विभाग द्वारा संचालित योजनाओं एवं प्रशिक्षण कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने की अपील की, ताकि जिले में कृषि उत्पादन और किसानों की आय में निरंतर वृद्धि हो