Bihar News – राशन कार्ड से नाम कटने पर दर्जनों खाद्य उपभोक्ता पहुंचे प्रखंड कार्यालय

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राजापाकड़ प्रखंड क्षेत्र में राशन कार्ड से नाम कटने की शिकायतों को लेकर दर्जनों खाद्य उपभोक्ता प्रखंड कार्यालय पहुंचे। प्रभावित लोगों ने विभागीय त्रुटि का आरोप लगाते हुए नाम जोड़ने और समस्या के त्वरित समाधान की मांग की।

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संवाददाता : राजेन्द्र कुमार

राजापाकड़, वैशाली।

राशन कार्ड से बड़े पैमाने पर नाम काटे जाने के विरोध में प्रखंड क्षेत्र के विभिन्न पंचायतों के दर्जनों खाद्य उपभोक्ता प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी के कार्यालय पहुंचे और अपनी शिकायत दर्ज कराई। उपभोक्ताओं ने विभागीय कार्रवाई पर नाराजगी जताते हुए इसे गरीब परिवारों के साथ अन्याय बताया।

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बिराना लखनसेन निवासी चुल्हिया देवी, जिनके पास अंत्योदय राशन कार्ड है, ने बताया कि जब वह राशन लेने के लिए जन वितरण प्रणाली (पीडीएस) दुकान पर गईं और अंगूठा लगाया, तो डीलर ने बताया कि उनका नाम राशन कार्ड से कट गया है। इसके बाद प्रखंड आपूर्ति कार्यालय में जांच कराने पर डाटा ऑपरेटर ने बताया कि केवल चुल्हिया देवी का नाम कार्ड से हटाया गया है, जबकि परिवार के अन्य सदस्यों के नाम सूची में मौजूद हैं।

इसी प्रकार गौसपुर निवासी अमित कुमार, राजापाकड़ बाजार की जगमंती देवी, विभा देवी, दीपक कुमार तथा रामपुर ब्रह्मदास निवासी बिट्टू कुमार सहित कई लोगों ने शिकायत की कि गरीब परिवारों के नाम राशन कार्ड से हटाए जा रहे हैं, जबकि कई संपन्न लोगों के नाम अब भी सूची में बने हुए हैं।

उपभोक्ताओं ने बताया कि विभागीय निर्देश के अनुसार जिन कार्डधारियों की वार्षिक आय 1 लाख 20 हजार रुपये से अधिक है या जिनके नाम पर चार पहिया वाहन हैं, उनका नाम राशन कार्ड से हटाया जाना है। लेकिन इस प्रक्रिया के दौरान अनेक गरीब मजदूर परिवारों के नाम भी सूची से हटा दिए गए हैं, जबकि उनका पूरा परिवार जन वितरण प्रणाली से मिलने वाले अनाज पर निर्भर है।

विभाग की इस कथित लापरवाही से मजदूर वर्ग और गरीब परिवारों में भारी रोष व्याप्त है। वहीं, प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी के कार्यालय में उपस्थित नहीं रहने के कारण उपभोक्ताओं को बार-बार कार्यालय का चक्कर लगाकर वापस लौटना पड़ रहा है।

स्थानीय प्रबुद्ध नागरिकों और पीड़ित उपभोक्ताओं का कहना है कि विभाग अपनी त्रुटियों को सुधारने के बजाय गरीब लोगों पर दोबारा आवेदन करने का अतिरिक्त बोझ डाल रहा है। उनका आरोप है कि विभाग की तकनीकी गलती के कारण गरीबों का राशन बंद हो गया है और अब उन्हें लंबी कागजी प्रक्रिया तथा ऑनलाइन आवेदन की परेशानी भी झेलनी पड़ रही है। विभागीय लापरवाही का खामियाजा सीधे गरीब जनता को भुगतना पड़ रहा है।

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