आगरा। फतेहाबाद रोड स्थित जेपी होटल के सामने वोडाफोन ऑफिस के बाहर करीब 30 दिनों से रह रहे एक मंदबुद्धि युवक को आखिरकार उसके परिवार से मिला दिया गया। मानवता और संवेदनशीलता की इस मिसाल में इंद्र सिंह इलेक्ट्रीशियन, पत्रकार प्रताप सिंह आजाद और दिल्ली पुलिस में तैनात विपिन गौतम की अहम भूमिका रही।
जानकारी के अनुसार, युवक के हाथ पर “मोंटी, दिल्ली शकूरपुर निवासी” लिखा हुआ था। वोडाफोन ऑफिस के बाहर युवक को लंबे समय से देख रहे इंद्र सिंह को उसकी हालत पर दया आई। उन्होंने अपने मित्र पत्रकार प्रताप सिंह आजाद को इस बारे में जानकारी दी और युवक के परिवार तक पहुंचने में मदद मांगी।

इसके बाद प्रताप सिंह आजाद ने अपने भांजे विपिन गौतम, जो दिल्ली पुलिस में कार्यरत हैं, को युवक की फोटो और हाथ पर लिखे पते की तस्वीर भेजी। विपिन गौतम ने दिल्ली पुलिस के ग्रुप में युवक की जानकारी साझा की, जिसके बाद कुछ ही समय में युवक के परिवार का संपर्क नंबर मिल गया।
विपिन गौतम ने परिवार का संपर्क नंबर प्रताप सिंह आजाद को उपलब्ध कराया। इसके बाद प्रताप सिंह ने युवक के परिवार से बात कर मोंटी के सुरक्षित होने की सूचना दी। वहीं इंद्र सिंह ने भी परिवार को पूरी स्थिति से अवगत कराया।
करीब तीन दिन बाद मोंटी की मां और भाई आगरा पहुंचे। पुलिस की मौजूदगी में आवश्यक कार्रवाई पूरी करते हुए इंद्र सिंह ने युवक को उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया। लंबे समय बाद बेटे को देखकर परिवार की आंखें नम हो गईं।

इस सराहनीय प्रयास ने एक बार फिर साबित किया कि अगर समाज में लोग मानवता दिखाएं और जिम्मेदारी निभाएं, तो हर गुमशुदा बच्चा और लापता व्यक्ति अपने परिवार तक पहुंच सकता है।