संवाददाता : राजेन्द्र कुमार
हाजीपुर। कृषि विज्ञान केंद्र हरिहरपुर वैशाली में आगा खान ग्राम समर्थन कार्यक्रम भारत, सोशल अल्फा एवं कृषि विज्ञान केंद्र के संयुक्त तत्वावधान में एक दिवसीय स्टेक होल्डर कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन वरीय वैज्ञानिक एवं प्रधान डॉ. अनिल कुमार सिंह, सोशल अल्फा एवं आगा खान ग्राम समर्थन कार्यक्रम के पदाधिकारियों तथा वैज्ञानिकों ने दीप प्रज्वलित कर किया।
कार्यक्रम में डॉ. अनिल कुमार सिंह, इंजीनियर कुमारी नम्रता, डॉ. कविता वर्मा, डॉ. जूना दाखवा, अजीत चौधरी, प्रशांत कुमार, जय प्रकाश सिंह, मुकेश चंद्रा, अभिषेक आनंद एवं अमित कुमार मिश्रा सहित कई पदाधिकारी, वैज्ञानिक एवं किसान उपस्थित रहे।
कार्यशाला के दौरान विभिन्न स्टार्टअप कंपनियों द्वारा कृषि यंत्रों एवं नई तकनीकों की प्रदर्शनी लगाई गई। किसानों ने स्टेपुफाई, एग्रोश्योर, इकोसाइट कैप्सबार तथा रुद्र सोलर जैसी कंपनियों की प्रदर्शनी का अवलोकन कर आधुनिक कृषि तकनीकों की जानकारी प्राप्त की।
कार्यक्रम में बताया गया कि आगा खान ग्राम समर्थन कार्यक्रम द्वारा वैशाली जिले में “सोलर दीदी” कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है, जिसके तहत किसानों को सिंचाई सुविधा के लिए सोलर पावर इरिगेशन सिस्टम उपलब्ध कराया जा रहा है। साथ ही युवाओं को उद्यम स्थापना के लिए प्रशिक्षण एवं सहयोग भी दिया जा रहा है।
डॉ. अनिल कुमार सिंह ने किसानों को मृदा परीक्षण आधारित संतुलित उर्वरक उपयोग की सलाह देते हुए कहा कि बायोफर्टिलाइजर एवं हरी खाद के उपयोग से रासायनिक उर्वरकों की मात्रा कम की जा सकती है। उन्होंने बैंगन की फसल में रोग नियंत्रण के लिए फसल चक्र अपनाने, संक्रमित पौधों को हटाने एवं उचित कीटनाशी दवाओं के छिड़काव की जानकारी दी।
इंजीनियर कुमारी नम्रता ने महिला अनुकूल कृषि यंत्रों एवं पोस्ट हार्वेस्ट तकनीकों की जानकारी साझा करते हुए बताया कि आम का पाउडर एवं अन्य मूल्य संवर्धित उत्पाद तैयार कर किसान अपनी आय बढ़ा सकते हैं।
स्टेपुफाई कंपनी के प्रतिनिधियों ने बैटरी चालित कृषि यंत्रों जैसे पावर टिलर, स्प्रेयर, डिगर एवं मक्का शेलर का प्रदर्शन किया। उन्होंने बताया कि इन यंत्रों में जीरो वाइब्रेशन, कम रखरखाव एवं कम परिचालन लागत जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं, जिससे महिला किसानों को विशेष लाभ मिलेगा।
वहीं रुद्र सोलर के प्रतिनिधियों ने सोलर ड्रायर का प्रदर्शन करते हुए बताया कि इसके माध्यम से फल एवं सब्जियों का सुरक्षित प्रसंस्करण एवं भंडारण कर किसानों की आय में वृद्धि की जा सकती है।
डॉ. कविता वर्मा ने महिलाओं के स्वास्थ्य एवं पोषण पर जानकारी देते हुए एनीमिया से बचाव के लिए आयरन युक्त खाद्य पदार्थों के सेवन पर बल दिया। वहीं डॉ. जूना दाखवा ने सब्जी उत्पादन में जैविक एवं प्राकृतिक खेती तकनीकों को अपनाने की सलाह दी।
कार्यक्रम के अंत में किसानों, वैज्ञानिकों एवं विभिन्न स्टेक होल्डर्स के बीच कृषि नवाचार, प्राकृतिक खेती, महिला अनुकूल कृषि यंत्रों एवं मूल्य संवर्धन तकनीकों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।