संवाददाता: विजय कुमार
प्रयागराज उत्तर प्रदेश
प्रयागराज। उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय, प्रयागराज का 21वां दीक्षांत समारोह शुक्रवार को सरस्वती परिसर स्थित अटल प्रेक्षागृह में गरिमापूर्ण वातावरण में आयोजित किया गया। समारोह की अध्यक्षता उत्तर प्रदेश की राज्यपाल एवं विश्वविद्यालय की कुलाधिपति श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने की।

मुख्य अतिथि के रूप में पद्मश्री एवं प्रख्यात शास्त्रीय एवं लोक गायिका मालिनी अवस्थी ने दीक्षांत उद्बोधन दिया। कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री नंद गोपाल गुप्ता ‘नंदी’, उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय तथा उच्च शिक्षा राज्यमंत्री रजनी तिवारी विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं।

दीक्षांत समारोह में विभिन्न विद्याशाखाओं में सर्वाधिक अंक प्राप्त करने वाले 26 मेधावी विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक प्रदान किए गए। इनमें 20 छात्राओं और 6 छात्रों ने स्वर्ण पदक प्राप्त किए। दिसंबर-2025 एवं जून-2026 सत्र की परीक्षाओं में उत्तीर्ण 30,886 विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान की गईं, जिनमें 17,788 पुरुष तथा 13,098 महिला शिक्षार्थी शामिल रहे। इस अवसर पर उपाधियां एवं अंकपत्र डिजीलॉकर के माध्यम से डिजिटल रूप में भी उपलब्ध कराए गए।
राज्यपाल का संबोधन
राज्यपाल एवं कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने कहा कि शिक्षा केवल उपाधि प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने का सबसे प्रभावी साधन है। उन्होंने विद्यार्थियों से शिक्षा का उपयोग राष्ट्र निर्माण, नवाचार और सामाजिक समस्याओं के समाधान में करने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के तहत मातृभाषा में शिक्षा, कौशल विकास और रोजगारोन्मुख शिक्षा पर विशेष बल दिया गया है। उन्होंने बेटियों को समान अवसर देने, पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रत्येक विद्यार्थी से अपनी माता के नाम पर एक पौधा लगाने तथा सामाजिक कुरीतियों के विरुद्ध आवाज उठाने का आह्वान किया।
राज्यपाल ने विश्वविद्यालय द्वारा उपाधियों को डिजीलॉकर के माध्यम से उपलब्ध कराने और समर्थ पोर्टल के प्रभावी उपयोग की सराहना करते हुए कहा कि इससे समय, धन और संसाधनों की उल्लेखनीय बचत हुई है। उन्होंने विश्वविद्यालय परिसरों की स्वच्छता, अध्ययन केंद्रों की गुणवत्ता, स्मार्ट बोर्ड के प्रभावी उपयोग तथा यमुना परिसर में भूमि कटाव रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश भी दिए।
मालिनी अवस्थी का प्रेरक संदेश
मुख्य अतिथि पद्मश्री मालिनी अवस्थी ने कहा कि दीक्षांत समारोह शिक्षा का अंत नहीं, बल्कि ज्ञान, संस्कार और जीवन मूल्यों के साथ नई यात्रा की शुरुआत है। उन्होंने विद्यार्थियों से आधुनिक तकनीक एवं कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) में दक्ष बनने के साथ-साथ भारतीय संस्कृति, भाषा और परंपराओं से जुड़े रहने का संदेश दिया।
उन्होंने प्रयागराज की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और साहित्यिक विरासत का उल्लेख करते हुए कहा कि यह भूमि ज्ञान, राष्ट्रभक्ति और त्याग की प्रतीक रही है। उन्होंने विद्यार्थियों से राजर्षि पुरुषोत्तम दास टंडन के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने का आह्वान किया।
शिक्षा मंत्रियों के विचार
उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल रोजगार प्राप्त करना नहीं, बल्कि चरित्रवान, संस्कारित और राष्ट्रनिष्ठ नागरिक तैयार करना है। वहीं उच्च शिक्षा राज्यमंत्री रजनी तिवारी ने कहा कि मुक्त विश्वविद्यालय समाज के उन वर्गों तक उच्च शिक्षा पहुंचा रहा है, जो नियमित शिक्षा से वंचित रह जाते हैं।
चार स्वर्ण पदकों की विजेता बनीं रम्या सिंह
विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सत्यकाम ने स्वागत भाषण एवं प्रगति प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। इस अवसर पर देव इंद्रावती महाविद्यालय, अंबेडकरनगर की बी.एससी. छात्रा रम्या सिंह को कुलाधिपति स्वर्ण पदक प्रदान किया गया। उन्होंने सर्वाधिक चार स्वर्ण पदक प्राप्त कर समारोह की मुख्य आकर्षण रहीं। उनकी ओर से उनकी माता ने राज्यपाल से पदक ग्रहण किया।
अन्य प्रमुख सम्मान
समारोह में विभिन्न संकायों के स्नातक एवं स्नातकोत्तर टॉपर्स को विश्वविद्यालय स्वर्ण पदक तथा 12 मेधावी विद्यार्थियों को दानदाता स्वर्ण पदकों से सम्मानित किया गया। राज्यपाल ने गोद लिए गए गांवों के विद्यालयों में आयोजित प्रतियोगिताओं के विजेताओं को भी पुरस्कृत किया तथा फतेहपुर, प्रतापगढ़ और प्रयागराज के आंगनबाड़ी केंद्रों को 500 किट वितरित कीं।
कार्यक्रम में छात्राओं ने राजस्थानी लोकनृत्य तथा विद्यार्थियों ने पर्यावरण संरक्षण पर आधारित सांस्कृतिक प्रस्तुति दी। इस अवसर पर इंदुभूषण पांडेय की पुस्तक “माँ और बेटी: उड़ान से पहले की छांव” का विमोचन भी किया गया। विश्वविद्यालय के उत्कृष्ट शिक्षक प्रो. अजेन्द्र कुमार मलिक को सम्मानित किया गया।
समारोह का संचालन प्रो. पी.के. पांडेय ने किया। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री नंद गोपाल गुप्ता ‘नंदी’, प्रो. राजेंद्र सिंह (रज्जू भैया) विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अखिलेश कुमार सिंह, सनातनी किन्नर अखाड़े की महामंडलेश्वर टीना माँ, एनसीजेडसीसी के निदेशक सुदेश शर्मा, सहित अनेक गणमान्य अतिथि एवं प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।