संवाददाता: मनोज कुमार
जसवंतनगर/इटावा। छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (सीएसजेएमयू), कानपुर एवं विश्व की अग्रणी प्रौद्योगिकी कंपनी आईबीएम के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित होने वाली ‘सीएसजेएमयू-आईबीएम बीओबी हैक्स-2026’ कृत्रिम बुद्धिमत्ता (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) नवाचार प्रतियोगिता के संबंध में गुरुवार को चौधरी सुघर सिंह एजुकेशनल एकेडमी (स्वायत्त महाविद्यालय), जसवंतनगर में एक महत्वपूर्ण प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया। प्रेस वार्ता में प्रतियोगिता की रूपरेखा, उद्देश्य, पात्रता, चयन प्रक्रिया, प्रशिक्षण व्यवस्था तथा विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध विभिन्न अवसरों की विस्तृत जानकारी साझा की गई। साथ ही जिले एवं आसपास के क्षेत्रों के विद्यार्थियों से इस प्रतियोगिता में बढ़-चढ़कर भाग लेने का आह्वान किया गया।
प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय के करियर विकास केंद्र (सीडीसी) के प्रो. राजेश कुमार द्विवेदी तथा विश्वविद्यालय के इंजीनियरिंग संस्थान के निदेशक प्रो. आलोक कुमार ने कहा कि वर्तमान समय कृत्रिम बुद्धिमत्ता का युग है। आने वाले वर्षों में एआई तकनीक शिक्षा, उद्योग, स्वास्थ्य, कृषि, प्रशासन और व्यवसाय सहित लगभग हर क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली है। ऐसे समय में विद्यार्थियों को केवल सैद्धांतिक ज्ञान तक सीमित न रहकर तकनीकी नवाचार और व्यावहारिक समाधान विकसित करने की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए।
उन्होंने बताया कि ‘बीओबी हैक्स-2026’ प्रतियोगिता का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में नवाचार, रचनात्मक सोच, तकनीकी दक्षता, समस्या-समाधान क्षमता, टीमवर्क तथा उद्यमिता की भावना को विकसित करना है। इस प्रतियोगिता के माध्यम से छात्र-छात्राएं समाज और उद्योग से जुड़ी वास्तविक समस्याओं के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित समाधान विकसित करेंगे। इससे उन्हें न केवल नई तकनीकों को सीखने का अवसर मिलेगा, बल्कि भविष्य में रोजगार एवं स्टार्टअप के क्षेत्र में भी नई संभावनाएं प्राप्त होंगी।
उन्होंने बताया कि प्रतियोगिता में छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय एवं उससे संबद्ध सभी महाविद्यालयों के नियमित छात्र-छात्राएं दो से चार सदस्यों की टीम बनाकर प्रतिभाग कर सकते हैं। प्रतियोगिता में शामिल होने के लिए पंजीकरण की अंतिम तिथि 22 जुलाई 2026 निर्धारित की गई है। विद्यार्थियों से अपील की गई कि वे अंतिम तिथि का इंतजार किए बिना समय रहते अपना पंजीकरण सुनिश्चित करें।
प्रेस वार्ता में जानकारी दी गई कि प्रतियोगिता का जोनल चरण 25 से 31 जुलाई 2026 के बीच आयोजित किया जाएगा। इटावा जनपद के लिए चौधरी सुघर सिंह एजुकेशनल एकेडमी (स्वायत्त महाविद्यालय), जसवंतनगर को नोडल केंद्र बनाया गया है, जहां इटावा सहित आसपास के महाविद्यालयों की टीमें प्रतिभाग करेंगी। इस चरण में चयनित श्रेष्ठ टीमें विश्वविद्यालय स्तर के अंतिम चरण में प्रवेश करेंगी।
प्रतियोगिता का ग्रैंड फिनाले 12 एवं 13 अगस्त 2026 को छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय, कानपुर परिसर में आयोजित होगा। अंतिम चरण में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली विजेता टीमों को कुल एक लाख रुपये की पुरस्कार राशि प्रदान की जाएगी। इसके अतिरिक्त प्रतिभागियों को सम्मानित भी किया जाएगा।
आयोजकों ने बताया कि प्रतियोगिता में भाग लेने वाले विद्यार्थियों को आईबीएम के विशेषज्ञों द्वारा निःशुल्क प्रशिक्षण, नवीनतम एआई तकनीकों की जानकारी, विशेषज्ञों का मार्गदर्शन, अध्ययन सामग्री, सहभागिता प्रमाण-पत्र तथा स्मृति-चिह्न उपलब्ध कराए जाएंगे। प्रतियोगिता के दौरान विद्यार्थियों को उद्योग विशेषज्ञों के साथ संवाद करने तथा अपने नवाचारों को प्रस्तुत करने का भी अवसर मिलेगा। साथ ही अंतिम चरण में महिला टीमों के लिए विशेष अवसर एवं प्रोत्साहन की व्यवस्था भी की गई है, जिससे छात्राओं की तकनीकी क्षेत्र में सहभागिता बढ़ाई जा सके।
इस अवसर पर पूर्व क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी प्रो. रिपुदमन सिंह, के.के. पी.जी. कॉलेज, इटावा के प्राचार्य प्रो. महेंद्र सिंह, पूर्व विभागाध्यक्ष (समाजशास्त्र) प्रो. उदयवीर सिंह, चौधरी सुघर सिंह ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस, जसवंतनगर के चेयरमैन प्रो. बृजेश चंद्र यादव, प्रबंध निदेशक अनुज मोंटी यादव, निदेशक डॉ. संदीप पाण्डेय तथा चौधरी सुघर सिंह एजुकेशनल एकेडमी के प्राचार्य डॉ. जितेंद्र यादव ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि आज के प्रतिस्पर्धी दौर में विद्यार्थियों के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता और आधुनिक तकनीकों का ज्ञान अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों से इस प्रतियोगिता में अधिक से अधिक संख्या में भाग लेकर अपनी प्रतिभा को राष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शित करने का आह्वान किया।
प्रेस वार्ता में अशांक हनी यादव सहित विभिन्न शिक्षण संस्थानों के शिक्षक, शिक्षाविद, शोधार्थी एवं अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों ने प्रतियोगिता को विद्यार्थियों के भविष्य के लिए उपयोगी और तकनीकी कौशल विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताया।
अंत में आयोजकों ने कहा कि ‘सीएसजेएमयू-आईबीएम बीओबी हैक्स-2026’ केवल एक प्रतियोगिता नहीं, बल्कि युवाओं को भविष्य की तकनीकों से जोड़ने और उन्हें नवाचार एवं उद्यमिता की दिशा में प्रेरित करने का एक प्रभावी मंच है। उन्होंने सभी पात्र छात्र-छात्राओं से समय रहते पंजीकरण कर प्रतियोगिता में प्रतिभाग करने, अपने नवाचारी विचारों को प्रस्तुत करने तथा कृत्रिम बुद्धिमत्ता के क्षेत्र में नई पहचान बनाने की अपील की।