रिपोर्ट: विजय कुमार
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार युवाओं को आधुनिक तकनीक, उद्योगों की जरूरतों और रोजगारोन्मुखी कौशल से जोड़ने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। इसी क्रम में व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल ने सोमवार को विधानभवन स्थित अपने कार्यालय में विभागीय समीक्षा बैठक की।

बैठक में मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विभाग की सभी योजनाओं का समयबद्ध, पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य प्रत्येक युवा को कौशलयुक्त बनाकर रोजगार एवं स्वरोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है।
उन्होंने जनपद एवं मुख्यालय स्तर पर योजनाओं की नियमित समीक्षा तथा प्रत्येक प्रशिक्षण केंद्र की सतत निगरानी के निर्देश दिए। मंत्री ने स्पष्ट कहा कि प्रशिक्षण की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा और लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के प्रति सख्ती बरती जाएगी।
कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि वर्तमान समय की आवश्यकताओं के अनुरूप अधिक से अधिक शॉर्ट टर्म एवं रोजगारपरक कौशल पाठ्यक्रम शुरू किए जाएं। प्रशिक्षण में सॉफ्ट स्किल, डिजिटल लर्निंग, संवाद कौशल, इंटरव्यू तैयारी, रिज्यूमे लेखन और व्यक्तित्व विकास जैसे विषयों को भी शामिल किया जाए, ताकि प्रशिक्षित युवाओं की रोजगार क्षमता बढ़ सके।
उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल प्रशिक्षण देना नहीं, बल्कि प्रशिक्षण के बाद युवाओं को रोजगार से जोड़ना भी है। इसके लिए उद्योगों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित किया जाए तथा स्थानीय उद्योगों की मांग के अनुसार प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किए जाएं। साथ ही आईटीआई एवं कौशल विकास संस्थानों में आयोजित रोजगार मेलों की जानकारी अधिक से अधिक युवाओं तक पहुंचाने के निर्देश दिए।
बैठक में अटल आवासीय विद्यालयों में संचालित स्किलिंग कार्यक्रमों की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि इन विद्यालयों में विद्यार्थियों को आधुनिक कौशल आधारित प्रशिक्षण दिया जा रहा है। साथ ही अगले माह से आश्रम पद्धति विद्यालयों में भी स्किलिंग कोर्स शुरू किए जाएंगे, जिससे सामाजिक एवं आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के विद्यार्थियों को तकनीकी दक्षता मिल सके।
मंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रशिक्षण प्राप्त कर सफल हुए युवाओं की प्रेरणादायक कहानियों का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए। उनके वीडियो, अनुभव और उपलब्धियों को सोशल मीडिया सहित अन्य माध्यमों से साझा किया जाए, ताकि अधिक से अधिक युवा कौशल विकास कार्यक्रमों से जुड़ सकें।
उन्होंने प्रशिक्षण संस्थानों में रोबोटिक्स, ऑटोमेशन, सीएनसी, डिजिटल मैन्युफैक्चरिंग और इंडस्ट्री 4.0 जैसी आधुनिक तकनीकों से जुड़े प्रशिक्षण को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया। साथ ही उद्योगों के साथ साझेदारी मजबूत करने, प्रशिक्षण सामग्री को समय-समय पर अद्यतन करने और विद्यार्थियों को औद्योगिक आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करने के निर्देश दिए।
बैठक में विभागीय अधिकारियों ने विभिन्न योजनाओं की प्रगति, प्रशिक्षण कार्यक्रमों, प्लेसमेंट, उद्योगों के साथ समन्वय, डिजिटल प्लेटफॉर्म, प्रशिक्षण भागीदारों, निर्माण कार्यों तथा भविष्य की कार्ययोजना पर विस्तृत प्रस्तुति दी। प्रशिक्षण संस्थानों की क्षमता वृद्धि, ऑनलाइन सेवाओं के विस्तार, प्रशिक्षण भागीदारों के प्रदर्शन मूल्यांकन तथा लंबित कार्यों को समयबद्ध ढंग से पूरा करने पर भी चर्चा हुई।
बैठक के अंत में मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन के अनुरूप उत्तर प्रदेश को देश का अग्रणी कौशलयुक्त मानव संसाधन वाला राज्य बनाने के लिए विभाग पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करेगा। उन्होंने कहा कि प्रत्येक योजना का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे, प्रत्येक प्रशिक्षित युवा को रोजगार अथवा स्वरोजगार का अवसर मिले और प्रदेश के औद्योगिक विकास को कुशल मानव संसाधन उपलब्ध हो, यही सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।