संवाददाता: राजेन्द्र कुमार
राजापाकर (वैशाली)।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) राजापाकर में हाल के विवादों के बीच स्थानीय विधायक महेंद्र राम ने मंगलवार को अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। विधायक के अचानक पहुंचने से स्वास्थ्यकर्मियों में हलचल मच गई। इस दौरान उन्होंने अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं, बुनियादी सुविधाओं तथा परिसर से संचालित एएनएम एवं जीएनएम प्रशिक्षण संस्थान का भी निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान जीएनएम कॉलेज की छात्राओं ने विधायक को एक लिखित आवेदन सौंपकर संस्थान की प्राचार्या रिंकी कुमारी पर गंभीर आरोप लगाए। छात्राओं का आरोप है कि प्रैक्टिकल परीक्षा में अधिक अंक दिलाने के नाम पर उनसे अवैध रूप से धन की मांग की जा रही है। शिकायत सामने आने के बाद संस्थान परिसर में चर्चा का माहौल बन गया।
शिकायत पर संज्ञान लेते हुए विधायक महेंद्र राम ने छात्राओं को निष्पक्ष जांच का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि यदि प्रैक्टिकल परीक्षा के अंकों के नाम पर अवैध वसूली के आरोप सही पाए जाते हैं तो यह अत्यंत गंभीर मामला है और शिक्षा व स्वास्थ्य व्यवस्था में इस प्रकार के भ्रष्टाचार को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने तथा दोषियों के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई के लिए वे वैशाली के जिलाधिकारी और सिविल सर्जन को पत्र लिखेंगे।
इससे पूर्व विधायक ने सीएचसी के विभिन्न वार्डों एवं ओपीडी का निरीक्षण कर मरीजों से उपचार, दवा उपलब्धता और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता की जानकारी ली। उन्होंने अस्पताल प्रशासन को निर्देश दिया कि मरीजों को किसी प्रकार की असुविधा न हो तथा सभी आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं समय पर उपलब्ध कराई जाएं।
विधायक के निरीक्षण और जीएनएम छात्राओं द्वारा लगाए गए आरोपों के बाद राजापाकर के स्वास्थ्य एवं प्रशिक्षण संस्थान में मामले को लेकर चर्चा तेज हो गई है। हालांकि, छात्राओं द्वारा लगाए गए आरोपों की आधिकारिक पुष्टि या जांच रिपोर्ट अभी सामने नहीं आई है।