Bihar News: भारत-नेपाल सीमा पर तनाव, सुस्ता क्षेत्र में बांध निर्माण को लेकर SSB टीम पर पथराव, प्राथमिकी दर्ज
संवाददाता: मोहन सिंह
बेतिया/पश्चिमी चंपारण।
पश्चिम चंपारण जिले के वाल्मीकिनगर से सटे भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र के सुस्ता इलाके में बांध निर्माण को लेकर विवाद का मामला सामने आया है। सशस्त्र सीमा बल (SSB) की ओर से आरोप लगाया गया है कि नेपाल के सुस्ता गांव के 150 से 200 अज्ञात ग्रामीणों ने भारतीय सीमा क्षेत्र में मिट्टी का बांध बनाने का प्रयास किया तथा विरोध करने पर SSB टीम पर पथराव किया। इस मामले में वाल्मीकिनगर थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई है।

21वीं वाहिनी SSB, रामपुरवा के समवाय प्रभारी सहायक कमांडेंट अवधेश कुमार के आवेदन के अनुसार, घटना 2 अगस्त 2026 की है। उन्होंने बताया कि वह उप कमांडेंट (प्रचालन) विजय कुमार, मुख्य आरक्षी त्रिवेद प्रसाद, आरक्षी गोपाल कुमार एवं अन्य जवानों के साथ सीमा क्षेत्र में गश्ती और सूचना संकलन के लिए निकले थे।
दोपहर लगभग 2:15 बजे टीम सुस्ता से सटे भारतीय सीमा क्षेत्र में स्थित पाकड़ के पेड़ के पास पहुंची। वहां SSB के अनुसार, नेपाली ग्रामीणों द्वारा पूर्व निर्धारित यथास्थिति (Status Quo) का उल्लंघन करते हुए भारतीय सीमा की ओर मिट्टी का बांध बनाया जा रहा था।
आवेदन में यह भी उल्लेख किया गया है कि 31 जुलाई 2026 को भारत और नेपाल के सुरक्षा अधिकारियों की संयुक्त गश्ती के दौरान यह सहमति बनी थी कि सीमा क्षेत्र में यथास्थिति बनाए रखी जाएगी तथा निर्धारित सीमा से आगे किसी प्रकार का बांध निर्माण नहीं किया जाएगा। इसके बावजूद पुनः निर्माण कार्य शुरू होने का आरोप लगाया गया है।
SSB के अनुसार, मौके पर मौजूद नेपाल की APF (Armed Police Force) से बातचीत के दौरान सुस्ता गांव के 150 से 200 लोग लाठी और पत्थर लेकर वहां एकत्र हो गए। आरोप है कि भीड़ ने SSB जवानों के साथ अभद्र व्यवहार किया और बाद में भारतीय सीमा की ओर लौट रही टीम पर पथराव कर दिया। हालांकि इस घटना में किसी के गंभीर रूप से घायल होने की सूचना नहीं है।
सहायक कमांडेंट के आवेदन के आधार पर वाल्मीकिनगर थाना पुलिस ने नेपाल के सुस्ता गांव के 150 से 200 अज्ञात लोगों के विरुद्ध BNS, 2023 की विभिन्न धाराओं के तहत वाल्मीकिनगर थाना कांड संख्या 119/26 (दिनांक 4 अगस्त 2026) दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
पुलिस ने बताया कि मामले की जांच जारी है तथा उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।