संम्भल न्यूज : समाज हित एवं राष्ट्र हित के लिए समर्पित होकर जीना ही असल जिंदगी - मनीष यादव
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संम्भल न्यूज : समाज हित एवं राष्ट्र हित के लिए समर्पित होकर जीना ही असल जिंदगी – मनीष यादव

संभल से भूपेंद्र सिंह संवाददाता
*संभल* बबराला – जनक्रांति एकता मंच की बैठक का आयोजन बबराला में किया गया। जिसमें समाज में छुपी कुरीतियों के ऊपर समाजसेवियों ने अपने विचार रखें एवं सम्मानित समाजसेवियों ने संगठन की सदस्यता ग्रहण की मनुष्य के जीवन में संगठन का बड़ा महत्व है। अकेला मनुष्य शक्तिहीन है, जबकि संगठित होने पर उसमें शक्ति आ जाती है। संगठन की शक्ति से मनुष्य बड़े-बड़े कार्य भी आसानी से कर सकता है। संगठन में ही मनुष्य की सभी समस्याओं का हल है। जो परिवार और समाज संगठित होता है वहां हमेशा खुशियां और शांति बनी रहती है और ऐसा देश तरक्की के नित नए सोपान तय करता है। इसके विपरीत जो परिवार और समाज असंगठित होता है वहां आए दिन किसी न किसी बात पर कलह होती रहती है जिससे वहां हमेशा अशांति का माहौल बना रखता है।

 

संम्भल न्यूज : समाज हित एवं राष्ट्र हित के लिए समर्पित होकर जीना ही असल जिंदगी - मनीष यादवसंगठित परिवार, समाज और देश का कोई भी दुश्मन कुछ नहीं बिगाड़ सकता, जबकि असंगठित होने पर दुश्मन जब चाहे आप पर हावी हो सकता है। संगठन का प्रत्येक क्षेत्र में विशेष महत्व होता है, जबकि बिखराव किसी भी क्षेत्र में अच्छा नहीं होता है। संगठन का मार्ग ही मनुष्य की विजय का मार्ग है। यदि मनुष्य किसी गलत उद्देश्य के लिए संगठित हो रहा है तो ऐसा संगठन अभिशाप है, जबकि किसी अच्छे कार्य के लिए संगठन वरदान साबित होता है। प्रत्येक धर्म ग्रंथ संगठन और एकता का संदेश देते हैं। कोई भी धर्म आपस में बैर करना नहीं सिखाता। सभी धर्मों में कहा गया है कि मनुष्य को परस्पर प्रेमपूर्वक वार्तालाप करना चाहिए। मनुष्य जब एकमत होकर कार्य करता है तो संपन्नता और प्रगति को प्राप्त करता है। संगठन में प्रत्येक व्यक्ति का विशेष महत्व होता है इसलिए जब मनुष्य संगठित होकर कोई कार्य करता है तो उसके परिणाम में विविधता देखने को मिलती है। जिस तरह प्रत्येक फूल अपनी-अपनी विशेषता और विविधता से किसी बगीचे को सुंदर व आकर्षित बना देते हैं उसी तरह मनुष्य भी अपनी-अपनी विशेषता और योग्यता से किसी भी कार्य को नया आयाम प्रदान कर सकते हैं।सामाजिक संगठन एक ऐसी या स्थित है जिसमें किसी समाज से विभिन्न अंग अर्थात् संस्थाएं समूह तथा समितियां अपने स्वीकृति और निर्धारित उद्देश्यों के अनुसार कार्य करती हैं। सामाजिक संगठन की प्रक्रिया मे समाज की इकाइयां निश्चित उद्देश्यों को प्राप्त करने के प्रति उन्मुख होती हैं।

 

संम्भल न्यूज : समाज हित एवं राष्ट्र हित के लिए समर्पित होकर जीना ही असल जिंदगी - मनीष यादवयह भी संभव नहीं है कि किसी विषय पर सभी व्यक्तियों का मत एक जैसा ही हो, बल्कि प्रत्येक व्यक्ति किसी विषय या समस्या को अपने नजरिये से ही देखता है और इसी आधार पर उसका समाधान भी खोजता है, लेकिन जब बात संगठन की आती है तब मनुष्य को वही करना चाहिए जिससे ज्यादा से ज्यादा लोगों का भला हो। संगठन में प्रत्येक मनुष्य को अपनी व्यक्तिगत भावनाओं पर नियंत्रण करना होता है इसलिए संगठन में व्यक्ति को शारीरिक तौर पर ही नहीं, बल्कि मानसिक व बौद्धिक रूप से भी समर्पित होना पड़ता है।
इस मौके पर मनीष यादव उत्तम दीक्षित हिंदुस्तानी सुरेंद्र सिंह यादव जीत पाल सिंह यादव अमन वार्ष्णेय सुरेश अग्रवाल गजेंद्र सिंह अमित कुमार यादव राजकुमार यादव सोमबीर सिंह एडवोकेट नवनीत शर्मा रामनिवास यादव राहुल गुप्ता राजू भारती चुनमुन विपिन गोयल बृजेश यादव शिवम राजेश यादव लोकेश गुप्ता आदि मौजूद रहे।

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