संवाददाता : मोहन सिंह
बेतिया/पश्चिमी चम्पारण।
बगहा-2 प्रखंड की लक्ष्मीपुर रमपुरवा पंचायत अंतर्गत चकदहवा, झंडवा टोला और बीन टोली में बाढ़ का पानी घुसने से जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया है। पिछले तीन दिनों से लगातार हो रही बारिश तथा गंडक नदी के बढ़ते जलस्तर के कारण रोहुआ नाला उफान पर है। इससे कई घरों में पानी प्रवेश कर गया है, जबकि झंडवा टोला के अनेक परिवार सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन करने लगे हैं।

स्थानीय ग्रामीण बसंत राम ने बताया कि भारत-नेपाल सीमा, गंडक नदी और वाल्मीकि टाइगर रिजर्व से घिरे चकदहवा, बीन टोली और झंडवा टोला में लगभग 250 से 300 घर हैं। लगातार वर्षा के कारण जंगल से होकर बहने वाला रोहुआ नाला उफान पर है। गंडक नदी एवं जंगल से आने वाले पानी के तेज बहाव के चलते गांव तक पहुंचने वाला कच्चा जंगली मार्ग पिछले तीन दिनों से चार से पांच फीट पानी में डूबा हुआ है। इसके साथ ही बाढ़ का पानी गांव में भी फैल गया है।
बाढ़ प्रभावित शीतला देवी ने बताया कि घरों में पानी घुसने से जलावन भीग गया है। कई परिवारों का राशन और खाद्यान्न भी खराब हो गया है, जिससे भोजन बनाने में भारी परेशानी हो रही है। उन्होंने कहा कि गांव के अधिकांश घरों में एलपीजी गैस सिलेंडर उपलब्ध नहीं है। ऐसे में कई परिवार भोजन नहीं बना पा रहे हैं। जिन घरों में किसी तरह खाना बन रहा है, वहीं से अन्य परिवारों को भी एक समय का भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि अब तक प्रशासन की कोई टीम गांव की स्थिति का जायजा लेने नहीं पहुंची है।
वहीं, बगहा अंचलाधिकारी (सीओ) वसीम अकरम ने बताया कि संबंधित क्षेत्र में पानी घुसने की सूचना प्राप्त हुई है और प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। उन्होंने निचले एवं संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के लोगों से एहतियात बरतते हुए सुरक्षित एवं ऊंचे स्थानों पर जाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि गंडक नदी का जलस्तर अभी और बढ़ सकता है। स्थिति से जिला प्रशासन को अवगत करा दिया गया है। जिला प्रशासन से सामुदायिक रसोई (कम्युनिटी किचन) अथवा अन्य राहत सुविधाएं संचालित करने का निर्देश मिलते ही आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।