Bihar News: राजापाकर BRC में गुरु गोष्ठी आयोजित, विद्यालयों की शैक्षणिक गतिविधियों की हुई समीक्षा

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संवाददाता: राजेंद्र कुमार

राजापाकर (वैशाली), बिहार। राजापाकर प्रखंड स्थित बीआरसी भवन के परिसर में प्रखंड के सभी प्रारंभिक, माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों और प्रभारी प्रधानाध्यापकों की एक दिवसीय मासिक गुरु गोष्ठी का आयोजन किया गया। प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी सिद्धू रंजन कुमार की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में विद्यालयों की शैक्षणिक प्रगति की समीक्षा की गई। साथ ही शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने, विद्यार्थियों की उपस्थिति बढ़ाने और विद्यालयों में नवाचार को प्रोत्साहित करने सहित विभिन्न विषयों पर चर्चा की गई।

बैठक में प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी ने उपस्थित सभी प्रधानाध्यापकों को विद्यालयों में साफ-सफाई बनाए रखने तथा प्रत्येक कक्षा में नियमित रूप से शिक्षकों द्वारा पढ़ाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए शिक्षकों की नियमित उपस्थिति और प्रभावी कक्षा संचालन बेहद जरूरी है।

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साप्ताहिक बैठकों के माध्यम से शैक्षणिक प्रगति की समीक्षा
प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी ने निर्देश दिया कि सीआरसी स्तर पर नियमित साप्ताहिक बैठक आयोजित की जाए। इन बैठकों में विद्यालयों की शैक्षणिक प्रगति, विद्यार्थियों की उपस्थिति और अन्य शैक्षणिक गतिविधियों की समीक्षा की जाए। बैठक केवल सूचनाओं के आदान-प्रदान तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि विद्यालयों की वास्तविक समस्याओं के समाधान और आगामी सप्ताह की अकादमिक कार्ययोजना तैयार करने पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए।
उन्होंने विद्यार्थियों की उपस्थिति बढ़ाने के लिए हरसंभव प्रयास करने पर जोर दिया। साथ ही कक्षा तीन से पांच तक के विद्यार्थियों के लिए सक्रिय एवं सहभागितापूर्ण शिक्षण व्यवस्था को प्रोत्साहित करने की बात कही।

विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच और नवाचार को बढ़ावा देने पर जोर
बैठक में विद्यालय स्तर पर प्रतिभाशाली और नवाचारी सोच रखने वाले विद्यार्थियों की पहचान करने तथा उन्हें विभिन्न प्रतियोगिताओं में भाग लेने के लिए प्रेरित करने पर विशेष बल दिया गया। शिक्षकों से कहा गया कि विद्यार्थियों को अपने आसपास की समस्याओं को समझने और उनके वैज्ञानिक समाधान खोजने के अवसर उपलब्ध कराए जाएं।
उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों द्वारा तैयार किए जाने वाले मॉडल में केवल निर्माण पर ही नहीं, बल्कि विचार की मौलिकता, उपयोगिता और स्थानीय समस्याओं से उसके संबंध पर भी विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए। इससे विद्यार्थियों में रचनात्मकता, वैज्ञानिक दृष्टिकोण और समस्या समाधान की क्षमता विकसित होगी।
संगीत उपकरणों और पुस्तकालय का नियमित उपयोग सुनिश्चित करें
विद्यालय को उपलब्ध कराए गए म्यूजिकविद्यालयोंल उपकरणों का नियमित उपयोग सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। उन्होंने कहा कि उपकरणों को केवल सुरक्षित रख देना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनका उपयोग संगीत, प्रार्थना, सांस्कृतिक कार्यक्रमों, कला शिक्षा और विद्यार्थियों की रचनात्मक अभिव्यक्ति के लिए किया जाना चाहिए।
संबंधित शिक्षकों को विद्यार्थियों को इन उपकरणों के इस्तेमाल का अवसर देने तथा प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करने की बात कही गई।
वहीं, माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक विद्यालयों में पुस्तकालय की पुस्तकों को व्यवस्थित ढंग से उपलब्ध कराने और विद्यार्थियों को नियमित पठन-पाठन के लिए प्रेरित करने पर जोर दिया गया।

पुस्तकों को केवल अलमारी में रखने के बजाय विषय आधारित अध्ययन और कक्षा शिक्षण में उनका उपयोग करने का निर्देश दिया गया। पुस्तकालय प्रभारियों को पुस्तकों के उपयोग और विद्यार्थियों की सहभागिता की नियमित समीक्षा करने की बात कही गई।
‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ के तहत गतिविधियां आयोजित करने के निर्देश

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गुरु गोष्ठी में ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ कार्यक्रम के अंतर्गत निर्धारित मासिक थीम के अनुसार विद्यालयों में नियमित गतिविधियां संचालित करने पर भी चर्चा हुई। इन गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों को देश के विभिन्न राज्यों की भाषाओं, संस्कृतियों, परंपराओं, कला और खान-पान की विविधता से परिचित कराने तथा अन्य राज्यों के प्रति समझ विकसित करने पर जोर दिया गया।

प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी ने कहा कि ये गतिविधियां केवल पोस्टर बनाने तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। इनके अंतर्गत संवाद, प्रस्तुति, सांस्कृतिक आदान-प्रदान, परियोजना कार्य और अनुभव आधारित गतिविधियों को शामिल किया जाए। साथ ही आयोजित कार्यक्रमों का आवश्यक अभिलेख भी संधारित किया जाए।
बैठक के दौरान विद्यालयों में शैक्षणिक गुणवत्ता सुधारने, विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने तथा उपलब्ध शैक्षणिक संसाधनों का प्रभावी उपयोग करने से संबंधित विभिन्न दिशा-निर्देश दिए गए।

कई शिक्षक-शिक्षिकाएं रहे उपस्थित
इस अवसर पर नंदकिशोर प्रसाद सिंह, बृजेश मोहन, पवन कुमार, निर्मला कुमारी, चंदेश्वर कुमार, मोहम्मद जावेद आलम, आलोक कुमार, हेमंत कुमार, विष्णु देव शाह, प्रभाकर कुमार झा, इंदु देवी, मीनू कुमारी, रंजीत कुमार सहित प्रखंड के अनेक शिक्षक-शिक्षिकाएं उपस्थित रहे।

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