संवाददाता : राजेन्द्र कुमार
वैशाली। प्रखंड क्षेत्र की विभिन्न पंचायतों में नीलगाय का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है, जिससे किसान गंभीर रूप से परेशान हैं। प्रखंड प्रशासन द्वारा इस समस्या के निदान के लिए फिलहाल कोई ठोस व्यवस्था नहीं की जा रही है।

किसानों का कहना है कि पूर्व के वर्षों में जिले की ओर से नीलगाय नियंत्रण के लिए शूटरों की व्यवस्था की जाती थी। अधिक प्रभावित पंचायतों में शूटर भेजकर नीलगाय को शूट किया जाता था, जिससे किसानों को काफी राहत मिलती थी। लेकिन पिछले एक वर्ष से यह व्यवस्था बंद होने के कारण नीलगाय का आतंक फिर से बढ़ गया है।
नीलगाय झुंडों में आकर किसानों के खेतों में लगी साग-सब्जी, रबी दलहन, मक्का सहित अन्य फसलों को भारी नुकसान पहुंचा रही हैं। झुंड में आने के कारण फसलें पैरों तले कुचल जाती हैं, जिससे किसानों को भारी आर्थिक क्षति उठानी पड़ रही है।
बखरी बड़ाई पंचायत के किसान सह सरपंच हरि मंगल राय, रघुनाथ सिंह, लालबाबू राय, राम शंकर राय, अशोक राय, चंद्रदीप राय, लक्ष्मण राय एवं जवाहर राय सहित अन्य किसानों ने बताया कि बखरी बड़ाई पंचायत, जाफरपट्टी पंचायत समेत चौर क्षेत्र में नीलगाय का भारी आतंक व्याप्त है। वर्तमान समय में हरे-भरे गेहूं, तिलहन एवं आलू की फसल को सबसे अधिक नुकसान हो रहा है।
किसानों ने कहा कि वे कड़ी मेहनत से खाद, बीज और सिंचाई कर फसल तैयार करते हैं, लेकिन नीलगाय के कारण उनकी सारी मेहनत पर पानी फिर जाता है। नीलगाय झुंड में आकर हरे-भरे पौधों को चट कर जाती हैं।
विभिन्न पंचायतों के जनप्रतिनिधियों, समाजसेवियों एवं प्रगतिशील किसानों ने जिला पदाधिकारी, वैशाली से मांग की है कि पूर्व की भांति फिर से शूटरों की व्यवस्था कर पंचायतों में भेजा जाए, ताकि किसानों को नीलगाय के आतंक से राहत मिल सके।