संवाददाता: मोहन सिंह
बेतिया/पश्चिमी चंपारण।
ऑल इंडिया म्युनिसिपल वर्कर्स एसोसिएशन के आह्वान पर दो सूत्री मांगों के समर्थन में गुरुवार से बिहार के सभी शहरी निकायों में अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू हो गई। इसका असर पटना, गया, बेतिया, दरभंगा सहित विभिन्न नगर निगम, नगर परिषद और नगर पंचायत क्षेत्रों में देखने को मिला।

बेतिया में सफाई कर्मियों ने सुबह 6 बजे से ही नगर निगम के मुख्य द्वार पर अनिश्चितकालीन हड़ताल का बैनर लगाकर प्रदर्शन किया। इस दौरान कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए नगर निकाय के कार्यों का चक्का जाम कर दिया।
ऑल इंडिया म्युनिसिपल वर्कर्स एसोसिएशन के जनरल सेक्रेटरी रवीन्द्र कुमार ‘रवि’ ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया कि नगर विकास एवं आवास विभाग के प्रधान सचिव को दिए गए ज्ञापन में दो प्रमुख मांगें रखी गई हैं। पहली मांग सभी कर्मियों का नियमितीकरण एवं सेवा की गारंटी सुनिश्चित करने की है, जबकि दूसरी मांग ठेका एवं आउटसोर्सिंग व्यवस्था को समाप्त करने की है।
उन्होंने बताया कि सरकार के अवर सचिव की पहल पर यूनियन और विभाग के बीच दो दौर की वार्ता हुई, लेकिन दोनों ही बैठकें बेनतीजा रहीं। इसके बाद कर्मचारियों ने 30 जुलाई 2026 से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू करने का निर्णय लिया।
रवीन्द्र कुमार ‘रवि’ ने कहा कि इन दोनों मांगों को वर्षों पहले माननीय उच्च न्यायालय ने भी उचित ठहराते हुए सरकार को छह माह के भीतर आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया था। इसके बावजूद आज तक मांगों पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
उन्होंने राज्य सरकार और नगर विकास एवं आवास विभाग के प्रधान सचिव से अपील की कि यूनियन के प्रतिनिधिमंडल के साथ शीघ्र सम्मानजनक वार्ता कर कर्मचारियों की जायज मांगों का समाधान किया जाए, ताकि हड़ताल समाप्त हो सके और नगर निकायों का कार्य सामान्य रूप से संचालित हो सके।