Meerut News: Govardhan Puja was done with great enthusiasm and devotion.
संवाददाता: मनीष गुप्ता
भारत वर्ष में हिंदू धर्म में दिवाली का त्यौहार बहुत ही आदर के साथ मनाया जाता है। दिवाली के त्यौहार पर जिस तरह से माता लक्ष्मी और गणेश जी की मूर्ति पूजा अर्चना बहुत ही आदर के साथ की जाती है। ठीक उसी तरह दिवाली के अगले दिन गोवर्धन पूजा का त्यौहार भी बहुत श्रद्धा और निष्ठा के साथ मनाया जाता है। गोवर्धन पूजा का त्यौहार शहरो में भी बहुत अच्छे से मनाया जाता है। लेकिन गांवों में यह त्यौहार और भी अलग तरीके से मनाया जाता है। जैसे आज के दिन गांवो में लोग गोबर से गोवर्धन जी की जमीन पर मूर्ति बनाते हैं। और उनको बहुत अच्छे तरीके से सजाते हैं। आज के दिन गांवो में लोग खेती में इस्तेमाल होने वाले समान की पूजा करते हैं। मीठी पूरी बनाते हैं। और उसका भोग लगाकर पूजा अर्चना करते हैं। आज के दिन भगवान इंद्र ने वरुण देव को आदेश देकर अधिक वर्षा करने को कहा। अधिक वर्षा होने के कारण वहा बाढ़ जैसे हालात बन गए। सभी गांव वाले और जानवर अपनी जान बचाने के लिए इधर उधर भागने लगे। तभी श्री कृष्ण भगवान ने अपनी एक उंगली पर गोवर्धन पर्वत को उठा लिया। और उस पर्वत के नीचे सभी गांव वालो और जानवरो को पर्वत के नीचे शरण दी। और उन सबको बाढ़ में बहने से बचा लिया।