विवाह से व्यक्ति के गृहस्थाश्रम का आरंभ होता है - पारस मणि महाराज
अध्यात्म बिहार

विवाह से व्यक्ति के गृहस्थाश्रम का आरंभ होता है – पारस मणि महाराज

नवीन कुमार संवाददाता हाजीपुर : बिदुपुर महायज्ञ में श्री राम कथा के सातवें दिन बिदुपुर के नवानगर पंचायत के मोहनपुर गांव में अयोध्या से आए अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त वक्ता श्री पारस मणि जी महाराज ने कथा के मध्य राम विवाह और सीता विदाई के प्रसंगों पर प्रकाश डालते हुए बताया विवाह से व्यक्ति के गृहस्थाश्रम का आरंभ होता है।

विवाह से व्यक्ति के गृहस्थाश्रम का आरंभ होता है - पारस मणि महाराज

गृहस्थ आश्रम चार आश्रमों में सर्वश्रेष्ठ आश्रम माना जाता है श्री राम श्री कृष्ण भगवान कपिल भगवान परशुराम गौतम बुद्ध आदि श्रेष्ठ जनों का आगमन गृहस्थ आश्रम में ही होता है विवाह में सात चुटकी सिंदूर से सात जन्मों का रिश्ता जुड़ता है ।

वेद ब्राह्मण अग्नि और समाज के सामने लड़का लड़की की मांग भरते हुए यह संकल्प लेता है आज के बाद यह मेरी पत्नी है और इसकी हर इच्छा की पूर्ति मैं करूंगा लेकिन पत्नी का भी धर्म है की अपनी मांग को सीधा रखें पति के कमाए धन में ही संतुष्ट रहे उदाहरण देते हुए महाराज श्री ने बताया एक बार जंगल में सीता महारानी की मांग भी टेढ़ी हो गई सीता जी ने राम जी से जंगल में सोने का मृग मांग लिया और परिणाम सीता को राम से दूर होना पड़ा कथा में कोविड-19 से बचाव के सारे नियमों का पालन किया जा रहा है कथा के मुख्य संयोजक श्री प्रवीण राज तथा मनोज सिंह अनिल सिंह संजय सिंह शिवनाथ सिंह डॉ रंजीत बलराम खत्री वीर चंद्र सिंह सोनू कुमार जी पासवान मुखिया तथा कमेटी और गांव के क्षेत्र के सभी भक्तों की उपस्थिति में कथा गंगा की धारा बहाई गई।