जया मोहन : प्रयागराज उत्तर प्रदेश

कजरिया देखन न आयो
ननदी फैलो है कॅरोना
भैया बुलाये चाहे भैया बुलाये
फोन से लेना सबसे बतियाये
कोनऊ कहे से न आयो ननदी
फैलो।।।।।
दिन दिन जा कॅरोना बढ़े
सुरसा जैसा मुँह फैलाये
लॉक डाउन लगो है ननदी
फैलो ।।।
अपनी दुकान न खुलत है बहिनी
बन्द हो गयी भैया की आमदनी
राखियां पे कछु न दे पाओ ननदी
फैलो।।।
हमहू अपने मायके न जाहे
न भैया का यते बुलाहे
अपन अपन घरे ठीक रहो ननदी
फैलो।।।।।
जैसो जात है बताई वैसो करियो मोरे भाई
अपन हाथ बार बार धोओ
मुँह में मास्क लगाओ
यही में सबकी भलाई ननदी
फैलो।।।।
मोरी बातन का बुरौ न मानियो
रहे ज़िंदगानी तो आइयो जाइयो
कठिन समय कट जान दो ननदी
फैलो है कॅरोना
स्वरचित
जया मोहन
प्रयागराज