Bihar News :वैशाली के बहुआरा में लोकनायक जयप्रकाश नारायण की 124वीं जयंती मनाई गई
संवाददाता राजेन्द्र कुमार
बहुआरा, वैशाली। बराटी थाना क्षेत्र के बहुआरा पंचायत स्थित पंचायत भवन परिसर में महान समाजवादी नेता एवं संपूर्ण क्रांति आंदोलन के प्रणेता लोकनायक जयप्रकाश नारायण की 124वीं जयंती श्रद्धापूर्वक मनाई गई। इस अवसर पर उपस्थित समाजवादियों एवं अन्य लोगों ने उनके तैलचित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। वहीं, महान स्वतंत्रता सेनानी एवं समाजवादी चिंतक डॉ. राम मनोहर लोहिया की पुण्यतिथि की पूर्व संध्या पर उनके तैलचित्र पर भी पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता शिक्षाविद् राजेश कुमार ने की, जबकि संचालन समाजवादी विचारधारा से जुड़े अधिवक्ता सुरेश प्रसाद सिंह ने किया। कार्यक्रम में उपस्थित वक्ताओं ने दोनों महान नेताओं के जीवन, विचारों और देश के स्वतंत्रता संग्राम एवं समाजवादी आंदोलन में उनके योगदान पर विस्तार से प्रकाश डाला।

वक्ताओं ने कहा कि लोकनायक जयप्रकाश नारायण भारत के महान स्वतंत्रता सेनानी, समाजवादी नेता और समाजसेवी थे। भारतीय राजनीति में उन्हें एक दूरदर्शी विचारक के रूप में जाना जाता है। उनका जन्म 11 अक्टूबर 1902 को बिहार के सिताब दियारा में हुआ था। उन्होंने 5 जून 1974 को पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान से संपूर्ण क्रांति का आह्वान किया था। उनका यह आंदोलन देश की राजनीति में एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हुआ।
जेपी ने सामाजिक न्याय, लोकतांत्रिक मूल्यों और भ्रष्टाचार के खिलाफ संघर्ष के माध्यम से देश की जनता को नई दिशा देने का प्रयास किया।
वक्ताओं ने डॉ. राम मनोहर लोहिया के जीवन और विचारों पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि डॉ. लोहिया महान स्वतंत्रता सेनानी, चिंतक और समाजवादी राजनेता थे। उनका जन्म 23 मार्च 1910 को अकबरपुर, उत्तर प्रदेश में हुआ था। उनके पिता गांधीजी के अनुयायी थे और जब भी वे गांधीजी से मिलने जाते थे, राम मनोहर लोहिया को भी अपने साथ ले जाते थे। इससे लोहिया पर गांधीजी के व्यक्तित्व और विचारों का गहरा प्रभाव पड़ा।
डॉ. लोहिया ने देश के स्वतंत्रता संग्राम में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और आजादी की लड़ाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। स्वतंत्रता के बाद भी उन्होंने सामाजिक समानता, आर्थिक न्याय और समाजवादी व्यवस्था की स्थापना के लिए लगातार संघर्ष किया। वक्ताओं ने कहा कि जयप्रकाश नारायण और डॉ. राम मनोहर लोहिया के विचार आज भी समाज और राजनीति के लिए प्रासंगिक हैं। उनके आदर्शों को अपनाकर ही एक न्यायपूर्ण और समतामूलक समाज का निर्माण किया जा सकता है।
कार्यक्रम में विजेंद्र कुमार, जयप्रकाश सिंह, नागेंद्र सिंह, उपेंद्र सिंह, संतलाल सिंह, रामेश्वर सिंह सहित अनेक लोगों ने अपने विचार व्यक्त किए और दोनों महान नेताओं के आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया।
नोट: मूल समाचार में जयप्रकाश नारायण की जन्मतिथि को लेकर त्रुटि थी। उनका जन्म 11 अक्टूबर 1902 को हुआ था, इसलिए समाचार में सही वर्ष का उल्लेख किया गया है।