मनोज कुमार राजौरिया इटावा । विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर लखना रेंज परिसर में आयोजित गोष्ठी में मुख्यअतिथि के रूप में सम्मिलित होकर वृक्षारोपण किया इस अवसर पर इटावा लोकसभा के सांसद श्री रामशंकर कठेरिया जी , जिलाध्यक्ष श्री अजय धाकरे जी , साथी विधायक भर्थना श्रीमती सावित्री कठेरिया जी ,जिला महामंत्री प्रशांत राव चौबे जी उपस्थित रहे।

इस वर्ष इटावा जिला में 49 लाख पेड़ लगाने का लक्ष्य है
◆ विश्व पर्यावरण दिवस पर्यावरण की सुरक्षा और संरक्षण हेतु पूरे विश्व में मनाया जाता है। इस दिन को मनाने का ऐलान संयुक्त राष्ट्र ने दुनियाभर में पर्यावरण के प्रति सामाजिक और राजनीतिक जागृति लाने के लिए 1972 में किया था। इसे 5 जून से 16 जून तक संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा विश्व पर्यावरण सम्मेलन के बाद शुरू किया गया था।

◆ यह समझें कि हमारे लिए पेड़-पौधे, जंगल, नदियां, झीलें, जमीन, पहाड़ कितने जरूरी हैं। इस दिवस को मनाने का फैसला 1972 में संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा आयोजित विश्व पर्यावरण सम्मेलन में चर्चा के बाद लिया गया। इसके बाद 5 जून 1974 को पहला विश्व पर्यावरण दिवस मनाया गया।
विश्व पर्यावरण दिवस थीम ( World Environment Day Theme )
विश्व पर्यावरण दिवस 2020 की थीम ‘जैव-विविधता’ ( ‘Celebrate Biodiversity’ ) है। इस थीम के जरिए इस बार संदेश दिया जा रहा है कि जैव विविधता संरक्षण एवं प्राकृतिक संतुलन होना मानव जीवन के अस्तित्व के लिए बेहद आवश्यक है। जैव विविधता को बनाये रखने के लिए हमारे लिए यह महत्वपूर्ण है कि हम अपनी धरती के पर्यावरण को बनाये रखें। ‘जैव विविधता’ शब्द दो शब्दों से मिलकर बना है- जैविक और विविधता। सामान्य रूप से जैव विविधता का अर्थ जीव जन्तुओं एवं वनस्पतियों की विभिन्न प्रजातियों से है। प्रकृति में मानव, अन्य जीव जन्तु और वनस्पतियों का संसार एक दूसरे से इस प्रकार जुड़ा है कि किसी के भी बाधित हाने से सभी का संतुलन बिगड़ जाता है। इससे मानव जीवन पर बुरा असर पड़ता है।

◆ पर्यावरण दिवस पर लें ये 6 संकल्प
संपूर्ण मानवता का अस्तित्व प्रकृति पर निर्भर है। इसलिए एक स्वस्थ एवं सुरक्षित प्रयायवरण के बिना मानव समाज की कल्पना अधूरी है। वन अधिकारी अरबिंद वर्मा ने बताया कि प्रकृति को बचाने के लिए आज हमसब को मिलकर कुछ संकल्प लेना होगा।
1- वर्ष में कम से कम एक पौधा अवश्य लगाएं और उसे बचाएं तथा पेड़-पौधों के संरक्षण में सहयोग करें
2. तालाब, नदी, पोखर को प्रदूषित नही करें, जल का दुरुपयोग नहीं करें तथा इस्तेमाल के बाद बंद करें
3. बिजली का अनावश्यक उपयोग नहीं करें, इस्तेमाल के बाद बल्ब, पंखे या अन्य उपकरणों को बंद रखें
4. कूड़ा-कचरा को डस्टबीन में फेकें और दूसरों को इसके लिए प्रेरित करें, इससे प्रदूषण नहीं होगा
5. प्लास्टिक/पॉलिथिन का उपयोग बंद करें, उसके बदले कागज के बने झोले या थैले का उपयोग करें
6. पशु-पक्षियों के प्रति दया भाव रखें, नजदीकी कामों के लिए साइकिल का उपयोग करें