ब्यूरो संवादाता
इटावा: पुरानी पेंशन बहाली तथा अन्य मांगों को लेकर शिक्षकों व कर्मचारियों ने हुंकार भरी। इसके लिए विकास भवन में आयोजित धरना में शिक्षकों व कर्मचारियों का सैलाव उमड़ पड़ा। पूरे विकास वसंत भवन परिसर में आंदोलनरत कर्मचारी शिक्षक ही दिखाई दे रहे थे। यह धरना सुबह 11 बजे से शुरू होकर दोपहर बाद 3:बजे तक चलता रहा। धरना के बाद मांगों से संबंधित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा गया। इस दौरान कर्मचारियों ने अपनी मांगों के समर्थन में जमकर नारेबाजी भी की। धरना प्रदर्शन के दौरान राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के प्रदेश अध्यक्ष इंजीनियर हरि किशोर तिवारी विशेष रूप से मौजूद रहे।

धरने की अध्यक्षता कर रहे शिक्षक कर्मचारी अधिकारी पेंशनर अधिकार मंच के जिलाध्यक्ष विनोद यादव ने कहा कि ये सरकार हठधर्मिता पर है तथा शिक्षकों एवं कर्मचारियों के हितों के प्रति संवेदनशून्य है। जनप्रतिनिधि स्वयं तो पुरानी पेंशन ले रहे हैं और जो शिक्षक और कर्मचारी अपना पूरा जीवन सरकार की सेवा में लगा रहा है उसे पुरानी पेंशन से वंचित कर उनके बुढ़ापे की लाठी को छीन लिया। शिक्षकों से ऑनलाइन कार्य लिया जा रहा है , ऑनलाइन कार्य के नाम पर शिक्षकों का शोषण बंद किया जाए। उन्होंने कहा कि शिक्षा मित्र, अनुदेशक विशेष शिक्षक, रसोईया, आंगनबाड़ी, कार्यकत्री एवं आउट सोर्सिंग के कर्मचारियों को स्थाई किया जाए। उन्होनें कहा कि वैसे हमें पूरी उम्मीद है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ हमारी माँगों को स्वीकार कर पुरानी पेंशन बहाली की घोषणा करेंगे। यदि हमारी मांगे ना मानी गयीं तो 30 नवम्बर को लखनऊ कूच करेंगे और बड़ा निर्णय लेंगे।
धरने को दिलीप मिश्रा, ओमकार यादव, ब्रजेश यादव,उमा शंकर गुप्ता, प्रदीप सक्सेना, पवन श्रीवास्तव, शारदेन्दु शरद, रिजवान अहमद, जितेन्द्र यादव, हरिओम कश्यप ने संबोधित किया। जबकि धरने में मुख्य रूप से उपेंद्र त्रिपाठी, मुकेश यादव, विनोद यादव, शिवशंकर यादव, गजेन्द्र सिंह, शिवप्रताप सिंह, नंदकिशोर शाक्य,रामेंद्र कुमार, ममता वर्मा, शिवा गुप्ता, मनोज श्रीवास्तव, जितेन्द्र कश्यप, सुदीप कमल, बनीता रानी, अंकिता, गौतम राम मौजूद रहे ।