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Etawah News: डा.भीमराव अंबेडकर के महापरिनिर्वाण दिवस पर लोगों ने उनकी प्रतिमा पर फूल मालाओं के साथ श्रद्धांजलि अर्पित।

संवाददाता आशीष कुमार

इटावा जसवंतनगर कोठी कैस्त स्थित अम्बेडकर पार्क में भीमराव अंबेडकर के महापरिनिर्वाण दिवस पर लोगों ने उनकी प्रतिमा पर फूल मालाओं के साथ श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके जीवन चरित्र पर चर्चा की।
वक्ताओं ने कहा कि बाबा साहब अम्बेडकर निधन 6 दिसंबर 1956 को हुआ था उन्हें वर्ष 1990 में मरणोपरांत भारत रत्न दिया गया। वह एक महान विधिवेता, अर्थशास्त्री, राजनीतिज्ञ और समाज सुधारक थे। उन्होंने दलित समाज, मजदूर वर्ग और महिलाओं के प्रति सामाजिक भेदभाव के खिलाफ आवाज उठाई और कई अभियान चलाए।

राष्ट्र के प्रति उनका योगदान बहुमूल्य और उल्लेखनीय है। वे ऐसे व्यक्ति थे जो समय से आगे चला करते थे। सामाजिक बुराईयों को दूर करने के उनके प्रयासों और उनके द्वारा दी गई शिक्षा के महत्व का हम स्मरण करते हैं। अम्बेडकर दलितों और शोषितों की आवाज बन गये थे उनकी सोच और आदर्श समानता पर आधारित समाज बनाने में मार्ग दर्शक है। उन्होंने 14 अक्टूबर 1956 को अशोक विजयादशमी के दिन नागपुर में अपने पाँच लाख साथियों के साथ बौद्धधर्म की दीक्षा लेकर एक नया अध्याय रच दिया था। वक्ताओं ने उनके जीवन चरित्र से प्रेरणा लेते हुए उनके पद चिन्हों पर चलने का आवाहन किया।

इस अवसर पर भन्ते सुमित वर्धन, हाशिम खान, सतीश शाक्य, अनिल कुमार बौद्ध, अरविद कुमार जाटव, विपिन कुमार बौद्ध, डा.धर्मेन्द्र कुमार, विद्या प्रकाश निगम, जितेंद्र कुमार, रविन्द्र कुमार, पंकज कुमार कनसौलिया, लेखराज सिंह, रुद्रप्रताप सिंह, प्रेम चन्द्र, सोनू जाटव, शिवराज सिंह, अनुराग सिंह इत्यादि लोग मौजूद रहे।