Etawah News: धान खरीद केंद्रों पर किसानों के  धान की  खरीद में आनाकानी, किसान कम मूल्य पर बेचने को विवश

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संवाददाता आशीष कुमार

जसवंतनगर(इटावा)।  सरकार के दावों पर सरकारी कारकुन पलीता लगा रहे हैं। बेचारा किसान वैसे ही इस बार धान की कम पैदावार निकलने से अपने को ठगा महसूस कर रहा। उल्टे खोले गए सरकारी धान क्रय केंद्रों पर उसके धान  सरकारी घोषित मूल्य पर नही खरीदा जा रहा।

बेचारे किसानों को धान भींगा होने, हल्का होने, खराब रंग का होने और उसमें उधिया होने की कमी का बहाना करके उन्हें सरकारी केंद्रों से लौटाया जा रहा । परिणाम ये है कि किसान अपना उत्पादित अच्छे से अच्छा धान मिट्टी मोल आढ़तियों और धान मीलों के बिचौलिओं के हाथों बेचने को विवश है।

यहां कृषि मंडी समिति जसवंतनगर के गेट के पास लगे एक सरकारी क्रय केंद्र से भगाए गए एक किसान विजय नारायण निवासी राजपुर तमेरी ने जिलाधिकारी इटावा का दरवाजा खटखटाते हुए प्रार्थना पत्र दिया है कि वह अपना 64-44 वेरायटी का धान बेचने इस  खरीद केंद्र पर गया ,तो उसके धान में खोट निकालते उधिया ज्यादा बताकर नही खरीदा गया। बाद में उस किसान को अलाभकारी मूल्य पर अपने धान को बेचने को विवश होना पड़ा। ऐसी शिकायते अनेकों किसानों की हैं । दरअसल में सीधे किसान से धान नही खरीदा जा रहा और क्रय केंद्र चला रहे लोग आढ़तियों से साठगांठ कर खुद कमाई में जुटे हैं।

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