Etawah News: युक्रेन में फसे जिले के पांच छात्र, एक की वापसी 

Etawah News: Five students from the district trapped in Ukraine, two return

Etawah News: Five students from the district trapped in Ukraine, two return

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ब्यूरो संवाददाता 
इटावा: शहर के रहने वाले पांच मेडिकल छात्र यूक्रेन में अभी भी फंसे हुए हैं। जबकि एक उजवेकिस्तान के रास्ते सुरक्षित दिल्ली पहुंच गया है। यह सभी लोग मेडिकल की पढ़ाई कर रहे थे। यूक्रेन से आने वाली फ्लाइट रद्द हो गई है। स्वजन ईश्वर से बच्चों की सकुशल वापसी की प्रार्थना कर रहे हैं। यूक्रेन के कीव, डिनप्रो, खारकीव शहरों में यह छात्र पढ़ाई के लिए गए हुए थे। वीडियो काल के माध्यम से स्वजन बच्चों का हाल दिन भर ले रहे हैं।

रोहन ने बंकर में गुजारी रात

यूक्रेन के डिनप्रो शहर में पढ़ाई कर रहे मेडिकल छात्र रोहन यादव के स्वजन उसकी सुरक्षित घर वापसी की प्रार्थना कर रहे हैं। लालपुरा निवासी रोहन यादव के पिता धीरेंद्र यादव ने बताया कि रोहन डिनप्रो मेडिकल यूनिवर्सिटी में तृतीय वर्ष का छात्र है। उसे गुरुवार की रात को बंकर में ले जाया गया था जहां पर वे रात में रहने के बाद शुक्रवार की सुबह हास्टल में आ गए। उन्होंने बताया कि डिनप्रो शहर में रूस की बमबारी के बाद बच्चे तनाव में हैं। हालांकि शुक्रवार को भारतीय दूतावास ने बच्चों से एक फार्म भी भरवाया है। वे भगवान से रात दिन प्रार्थना कर रहे हैं कि उनका बेटा सकुशल घर वापस आ जाए।

तनाव में है पल्लवी

झम्मन लाल कलारी में रहने वाले डा. पीके शर्मा की पुत्री पल्लवी शर्मा भी डिनप्रो मेडिकल यूनिवर्सिटी में तृतीय वर्ष की छात्रा है। डा. पीके शर्मा ने बताया कि उनकी पुत्री शुक्रवार को हास्टल में थी। परेशान है तनाव में है। अभी 11 फरवरी को वह यूक्रेन वापस गई थी। बेटी ने बताया है कि वहां पर हालात खराब हैं। बाजार की सारी दुकानें बंद हो गई हैं। अब कोई सामान बाहर नहीं मिल रहा है, हालांकि उनकी बेटी ने अपने हास्टल में राशन का स्टाक कर रखा है। वे अब जल्द ही अपनी बेटी की वापसी का इंतजार कर रहे हैं। भारत सरकार को इस संबंध में कुछ करना चाहिए।

डरे सहमे हैं बच्चे

विजय नगर में मेडिकल स्टोर चलाने वाले विमल कुशवाहा का पुत्र आशुतोष कुशवाहा डिनप्रो मेडिकल यूनिवर्सिटी में ही एमबीबीएस तृतीय वर्ष का छात्र है। विमल कुशवाहा ने बताया कि उनके बेटे की एक मार्च की फ्लाइट थी लेकिन 24 फरवरी से फ्लाइट बंद कर दी गईं। बच्चे डरे व सहमे हुए हैं। गुरुवार को दो-तीन दिन का राशन लेकर आए थे। एक मार्च को जो फ्लाइट का टिकट मिला वह 60 हजार रुपये का था। एयर इंडिया की फ्लाइट 22 फरवरी तक संचालित हुईं, 24 से बंद हो गईं।

नजदीक के मेट्रो स्टेशन में भेजा गया

छात्रों को बैरूनटोला में रहने वाले तनवीर श्रीन की बेटी समन श्रीन बीएम कराजिन खारकीव मेडिकल यूनिवर्सिटी में एमबीबीएस तृतीय वर्ष की छात्रा है। तनवीर ने बताया कि यूनिवर्सिटी के बच्चों को वहां के प्रशासन ने नजदीक के मेट्रो स्टेशन जाने को कहा था। हम लोग दुआ कर रहे हैं कि हमारी बेटी जल्द ही वापस आ जाए। उसकी 26 फरवरी की फ्लाइट थी लेकिन फ्लाइट कैंसल हो गई। पहले फ्लाइट का टिकट आम तौर पर 24 हजार रुपये का मिलता था उसके बाद 60 हजार रुपये का हुआ, अब एक लाख छह हजार रुपये का मिल रहा है। वहां पर सामान की महंगाई भी काफी हो गई है।

एक जगह एकत्रित हैं सभी छात्र

आलमपुरा में रहने वाले मोहम्मद इदरीश के पुत्र मोहम्मद अर्शलान बीएम कराजिन खारकीव मेडिकल यूनिवर्सिटी में एमबीबीएस के प्रथम वर्ष के छात्र हैं। मोहम्मद इदरीश ने बताया कि उनकी बेटे से बात हुई है सभी मेडिकल छात्रों को एक जगह पर एकत्रित कर दिया गया है। फ्लाइट कैंसल है, उनके बेटे ने टिकट करा लिया था।

आर्यन उजवेकिस्तान के रास्ते पहुंच गए दिल्ली

शहर के दंत चिकित्सक डा. धर्मेंद्र सिंह का भतीजा आर्यन सिंह भी डिनप्रो मेडिकल यूनिवर्सिटी में मेडिकल की पढ़ाई कर रहा है। डा. धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि आर्यन युद्ध शुरू होने से पहले उजवेकिस्तान के रास्ते शुक्रवार को दिल्ली पहुंच गया है। शुक्रवार की रात तक वह अपने शहर इटावा आ जाएगा। उन्होंने बताया कि आर्यन उनके बड़े भाई कौशलेंद्र का पुत्र है। उसकी सुरक्षित वापसी को लेकर घर के सभी लोग खुश हैं।

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