संवाददाता : मोहन सिंह
बेतिया/पश्चिमी चंपारण।
उच्च शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी ने राज्य के 211 नए डिग्री महाविद्यालयों में पठन-पाठन कार्य का विधिवत शुभारंभ किया। इसी क्रम में पश्चिम चंपारण जिले के आठ नए राजकीय डिग्री महाविद्यालयों में भी शैक्षणिक गतिविधियां प्रारंभ हो गईं।

जिले में जिन महाविद्यालयों में पठन-पाठन शुरू हुआ है, उनमें राजकीय डिग्री महाविद्यालय, मझौलिया; चनपटिया; योगापट्टी; बैरिया; ठकराहां; सिकटा; भितहा तथा पिपरासी शामिल हैं। इन महाविद्यालयों के संचालन से जिले के हजारों विद्यार्थियों, विशेषकर ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों के युवाओं को अपने घर के निकट ही उच्च शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा।

जिले का मुख्य शुभारंभ समारोह राजकीय डिग्री महाविद्यालय, चनपटिया में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में विधायक, विधान पार्षद, पूर्व विधायक सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने भाग लिया।
इस अवसर पर जिला पदाधिकारी तरनजोत सिंह, उप विकास आयुक्त काजले वैभव नितिन, अपर समाहर्ता राजीव रंजन सिन्हा, अपर समाहर्ता-सह-जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी अनिल कुमार सिन्हा, विशेष कार्य पदाधिकारी (जिला गोपनीय शाखा) सुजीत कुमार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, स्थानीय ग्रामीण एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
इसके अलावा जिले के अन्य सातों नवस्थापित राजकीय डिग्री महाविद्यालयों में भी उद्घाटन एवं शुभारंभ कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों तथा स्थानीय नागरिकों की गरिमामयी उपस्थिति रही।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक अभिषेक रंजन ने कहा कि नवस्थापित डिग्री महाविद्यालय जिले के युवाओं के लिए उच्च शिक्षा के नए द्वार खोलेंगे। उन्होंने कहा कि अब विद्यार्थियों, विशेषकर छात्राओं को उच्च शिक्षा के लिए दूर-दराज के शहरों में नहीं जाना पड़ेगा। इससे शिक्षा की गुणवत्ता के साथ-साथ नामांकन दर में भी वृद्धि होगी और क्षेत्र के सामाजिक एवं आर्थिक विकास को नई गति मिलेगी।
विधान पार्षद सौरभ कुमार ने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा के क्षेत्र में लगातार आधारभूत संरचना का विस्तार कर रही है। नए डिग्री महाविद्यालयों के शुरू होने से ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा सुलभ होगी और युवा पीढ़ी को अपने सपनों को साकार करने का बेहतर अवसर मिलेगा।
जिला पदाधिकारी तरनजोत सिंह ने इसे जिले के लिए ऐतिहासिक और गौरवपूर्ण अवसर बताते हुए कहा कि एक साथ आठ नए राजकीय डिग्री महाविद्यालयों में पठन-पाठन प्रारंभ होने से पश्चिम चंपारण में उच्च शिक्षा को नई दिशा मिलेगी। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन इन महाविद्यालयों में आवश्यक आधारभूत सुविधाओं एवं बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने के लिए सभी संबंधित विभागों के साथ समन्वय बनाकर कार्य करेगा।
समारोह के दौरान छात्र-छात्राओं एवं स्थानीय नागरिकों में विशेष उत्साह देखने को मिला। सभी ने इसे जिले में उच्च शिक्षा के विस्तार की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताते हुए राज्य सरकार के इस निर्णय का स्वागत किया।
जानकारी के अनुसार, पश्चिम चंपारण के आठ नए डिग्री महाविद्यालयों में समर्थ पोर्टल के माध्यम से अब तक 1,371 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 322 विद्यार्थियों का नामांकन पूरा हो चुका है, जबकि शेष नामांकन की प्रक्रिया जारी है।