संवाददाता मोहन सिंह बेतिया
अभी हरीनगर चीनी मील द्वारा रामरेखा नदी में रासायन युक्त पानी ( टेमा की पानी) छोड़ा गया है जिससे हजारों एकड़ जमीन में लगे फसल बर्बाद हो गई है इतना ही नहीं केकड़ा और कई तरह के जलीय कीड़े खेतो में मर गए हैं । सरकार और प्रशासन की लापरवाही के कारण चीनी मिलों का यह आपराधिक कृत्य पिछले कई सालों से जारी है।
उक्त बातें अखिल भारतीय किसान महासभा जिला अध्यक्ष सुनील कुमार राव ने कहीं ,
आगे उन्होंने कहा कि बगहां से निकलने वाली सिकरहाना नदी जो रामनगर नरकटियागंज होते मझौलिया से गुजरते पूर्वी चम्पारण में प्रवेश करती है नदी के किनारे खेती करने वाले किसानों को नदी में चीनी मिलों के टेमा का पानी छोड़ने से हमेशा भारी नुकसान उठाना पड़ा है। कुछ दिनों में नरकटियागंज अंचल के चतुर्भुत का बनवरिया आदि गांवों के सरेह में किसानों के धान और गन्ना के फसलों के साथ साथ जलीय जीव भी जहरीली पानी से मेरे हैं। किसानों को भारी नुक़सान के साथ साथ पर्यावरण को भी भारी नुकसान पहुंच रहा है। सरेह मे चारों तरफ सडांध व जहरीली पानी दिख रहा है। किसानों मे चीनी मिल प्रशासन और सरकार के खिलाफ रोष हैं। किसानों ने प्रशासन से पहले भी मुआवजे की मांग की है। आगे कहा की विगत 20 वर्षो से हरीनगर सुगर मील के द्वारा रामरेखा नदी मे रसायन युक्त टेमा का पानी छोड़ा जाता हैं ।जिससे किसान हर समय फसल को लेकर परेशान रहते हैं ।
भाकपा माले नेता सह अखिल भारतीय किसान महासभा सह गन्ना उत्पादक जिला संयोजक सुनील कुमार राव ने जिला अधिकारी को ज्ञापन सौंपा और मामले की तत्काल जांच करा कर किसानों को मुआवजा देने और प्रतिवर्ष भारी नुकसान पहुंचाने वाले चीनी मिलों पर कानूनी कार्रवाई करने की मांग किया।