Bihar News : अपने मूल स्वरूप के साथ पर्यटन पार्क बने राज ड्योढी परिसर:गरिमा

Bihar News : अपने मूल स्वरूप के साथ पर्यटन पार्क बने राज ड्योढी परिसर:गरिमा
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संवाददाता मोहन सिंह

बेतिया/ पश्चिमी चंपारण।

जिला अतिथि भवन में बिहार राजस्व पर्षद के अध्यक्ष चैतन्य प्रसाद से महापौर गरिमा देवी सिकारिया ने गुरुवार सुबह मुलाकात की।

Bihar News : अपने मूल स्वरूप के साथ पर्यटन पार्क बने राज ड्योढी परिसर:गरिमा
इस मौके पर पर महापौर ने एक विशेष पत्र सौंपकर बेतिया नगर निगम की निविदा संख्या 21/2024-25 को पुनः जारी करने की अनुमति देने का अनुरोध किया है।अपने उक्त पत्र में महापौर ने कहा है कि मैं बेतिया राजकालीन धरोहरों को बाद की पीढ़ी के लिए सुरक्षित और संरक्षित बनाए रखने के प्रति मैं सदा से समर्पित रही हूं। इसको लेकर प्रस्तुत मेरे प्रार्थना पत्र को स्वीकार करते हुए श्रीमान के स्तर से स्वीकृतादेश जारी होने के बाद नगर निगम द्वारा निविदा जारी करते हुए ऐतिहासिक राज कचहरी परिसर के सौंदर्यीकरण के साथ राजड्योढी के सामने बेतिया राज के अंतिम राजा महाराजा हरेंद्र किशोर और महारानी जानकी कुंवर की आदमकद प्रतिमा स्थापित करने के साथ पर्यटकीय महत्ता बढ़ाने के लिए रंगीन फव्वारा लाइटिंग लगाने के साथ राज कालीन धरोहरों यथा सातों प्रवेश द्वार, दोनों तोप और फांसी के कुओं की पूर्ववर्ती स्वरूप में पुनःस्थापना के साथ चंद्रशेखर आजाद जी की मूर्ति का सौंदर्यकरण करते हुए पूरे राज ड्योढी परिसर को एक आकर्षक पर्यटन-पार्क के रूप में विकसित करने की उनकी महत्वाकांक्षी योजना को नगर निगम बोर्ड ने पारित कर दिया है। इसका उल्लेख करते हुए महापौर श्रीमती सिकारिया ने अपने पत्र में बताया है कि राजस्व पर्षद बिहार के आदेश ज्ञापांक 3- 2025/767 के आलोक में संबंधित करीब पौने दो करोड़ की दोनों निविदाओं को स्थगित कर दिया गया है। इसको लेकर पूरे नगर निगम क्षेत्र के साथ संपूर्ण चंपारण में क्षोभ व्याप्त है। इसका कारण यह है कि मरम्मती और संरक्षण के अभाव में दोनों तोप, फांसी घर क्षतिग्रत हो गए हैं। अब राज ड्योढ़ी के चारो छोर पर बने सातों आकर्षक प्रवेश द्वार ध्वस्त होने के कगार पर पहुंच गए हैं। जिनका पुरातात्विक महत्व वाले तत्कालीन वास्तुकला के स्वरूप संरक्षा तत्काल किया जाना बेहद जरूरी है। महापौर श्रीमती सिकारिया ने राजस्व पर्षद बिहार के अध्यक्ष चैतन्य प्रसाद और मौके पर मौजूद सचिव गिरिवर दयाल को बताया कि स्थानीय नगर निगम द्वारा पूर्व में जारी निविदा रद्द करने के आदेश को वापस लेते हुए उक्त निविदा की दोबारा आदेश जारी करने का अनुरोध किया है। इसकी जानकारी देते हुए महापौर श्रीमती सिकारिया ने यह भी बताया कि उन्होंने राजस्व पर्षद के दोनों वरीय अधिकारी द्वय से भेंट के दौरान अपने लिखित देकर यह भी कहा है कि अगर तकनीकी आधार पर उनके इस आवेदन को स्वीकृति प्रदान करना संभव नहीं हो तो समीप के ही जोड़ा शिवाला मंदिर परिसर को पर्यटकीय पार्क के रूप में विकसित करने की अनुमति देते हुए बेतिया राज के अंतिम राजा महाराजा हरेंद्र किशोर और महारानी जानकी कुंवर की आदमकद प्रतिमा स्थापित करने की अनुमति देने की मांग उन्होंने की है। इसके साथ ही जोड़ा शिवाला मंदिर परिसर की पर्यटकीय महत्ता बढ़ाने के लिए रंगीन फव्वारा लाइटिंग लगाने की योजना पूरी करने के लिए राजस्व पर्षद बिहार प्रशासन ने अनुमति/ अनापत्ति प्रमाण पत्र उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है।

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महापौर ने बताया कि आपस में संक्षिप्त मंत्रणा के बाद दोनों अधिकारी द्वय ने बताया कि इसको लेकर आपके द्वारा पूर्व में भी सौंपे गए आवेदनों का सम्यक अवलोकन के बाद निर्णय से आपको शीघ्र ही अवगत करा दिया जाएगा।

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