Bihar news पुलिस का सिपाही ही निकला लुटेरा गैंग का सरगना
संवाददाता मोहन सिंह बेतिया
बेतिया पुलिस जिला में दो दिन पूर्व ही रूपया दुगुना व तीन गुना करने वाले दो ठग व धोखेबाज को मझौलिया पुलिस टीम ने गिरफ्तार किया था। मामला सरीसवा बाजार के एक बड़े व्यवसायी को 9 मार्च को अपराधियों द्वारा ठगे जाने के पश्चात पुलिस में शिकायत आने के बाद बेतिया पुलिस के द्वारा तकनीकी सेल और वैज्ञानिक तरीके से जांच करने के पश्चात हुआ। प्राथमिकी दर्ज करने के एक सप्ताह के अंदर पुलिस टीम ने दो अपराधी बिट्टू कुमार उर्फ रंजीत और महावीर कुमार को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की।

गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में बिट्टू कुमार उर्फ रंजीत ने जो ब्यान दिया उससे बेतिया पुलिस के अधिकारी सन्न हो गए। उसने ठगी, धोखाधड़ी और लूट के घटना का मास्टरमाइंड मोतिहारी पुलिस लाइन के दो सिपाहियों को बताया। हालांकि उनके दिए ब्यान को गोपनीय रखते हुए दोनों गिरफ्तार अपराधियों को जेल भेज दिया गया। और वहीं उनके दिए बयान के आधार पर पुलिस कप्तान उपेन्द्रनाथ वर्मा ने एक्शन प्लान बनाया और पूरी गोपनीयता से मोतिहारी जिला के पुलिस लाइन में अपनी कार्यवाही को अंजाम टीम के द्वारा दिलवाया। जहाँ टीम ने सफलतापूर्वक लखीसराय जिले के सूर्यगढ़ थाना के स्व मनोज सिंह के पुत्र सिपाही राकेश कुमार और रोहतास जिला के विक्रमगंज थाना के इंदल सिंह के पुत्र सिपाही सत्येन्द्र कुमार को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं गिरफ्तारी के समय 200 के 3 नोट और 100 के 27 नोट भी बरामद किए गए हैं। वहीं तकनीकी सहयोग से उनके निशानदेही पर घटनाओं में प्रयुक्त होने वाले स्कार्पियो गाड़ी को उसके चालक सुगौली थाना के बगही निवासी मैलाद्दीन मियां के बेटे राजा हुसैन के साथ गिरफ्तार किया गया है। जिनके पास से चार मोबाइल फोन भी जप्त किया गया है। जप्त नोटों से ही ठगी का शिकार करने में इस्तेमाल करते थे।

वहीं पूरी घटना के उद्भेदन की जानकारी देते हुए बेतिया एसपी उपेन्द्रनाथ वर्मा ने बताया कि मझौलिया लूट व ठगी में दो पुलिसकर्मी भी संलिप्त हैं। दोनों संलिप्त पुलिसकर्मी बेतिया जिला में पूर्व में पदस्थापित रहे हैं। और इनके द्वारा ही पुलिस की वर्दी पहन और अन्य विभागों के अधिकारी बनकर ठग, धोखाधड़ी और लूट की घटनाओं को अंजाम अपराधियों से मिलकर किया जाता था। बहुत से लोगों से इन्होंने अपनी लूट की घटना को स्वीकार भी किया है। जप्त स्कार्पियो से ही वे पुलिस या अन्य अधिकारी बनकर पूरे घटना को अमलीजामा पहनाया करते थे। इनके गिरफ्तारी के बाद सिर्फ बेतिया ही नहीं बगहा और मोतिहारी के भी लूट की घटना का उद्भेदन होने की संभावना है।

छापेमारी टीम में प्रशिक्षु पुलिस उपाधीक्षक सद्दाम हुसैन, मझौलिया थानाध्यक्ष पुलिस निरीक्षक अशोक कुमार, तकनीकी सेल के प्रभारी अवर निरीक्षक राजीव कुमार रजक, तकनीकी सेल के अवर निरीक्षक अरविंद कुमार, मझौलिया थाना के परिक्ष्मान अवर निरीक्षक राजीव कुमार व राजीव रंजन कुमार के साथ तकनीकी शाखा व मझौलिया थाना के पुलिस बल सम्मिलित रहें।