संवाददाता मोहन सिंह बेतिया
हरीनगर चीनी मिल ने रामरेखा नदी के पानी को ज़हर में बदल दिया है, चीनी मिल के आपराधिक कृत्य से 500 से अधिक किसानों का करोड़ों रुपए का हुआ नुकसान हुआ है, उक्त बातें भाकपा-माले केन्द्रीय कमेटी सदस्य सह सिकटा विधायक वीरेंद्र प्रसाद गुप्ता ने चतुर्भुजवा बनवरिया,बेलवा,लाकड़, अजूवआ
,नोनियवा टोला, ननकार आदि गांवों के किसानों के साथ उनके खेतों में जाकर जांच परख करने के बाद कहीं, आगे उन्होंने कहा कि हरीनगर चीनी मील द्वारा रामरेखा नदी में रासायन युक्त पानी ( टेमा की पानी) पिछले कई सालों से छोड़ा जा रहा है, किसानों ने चीनी मिल प्रशासन से अपना विरोध भी दर्ज करा चुके हैं, इसके बावजूद इस साल हरीनगर चीनी मिल ने रामरेखा नदी में जहरीली पानी छोड़ा है, नतीजा रामरेखा नदी का पानी ज़हर बन चुका है, इस जहरीली पानी से चतुर्भुजवा, बनवरिया,बेलवा,लाकड़, अजूवआ ,नोनियवा टोला, ननकार आदि गांवों के 500 से अधिक किसानों का करोड़ों रुपए का नुक़सान हुआ है, इतना ही नहीं केकड़ा, मछली और कई तरह के जलीय कीड़े खेतो में मर गए हैं । माननीय विधायक वीरेंद्र प्रसाद गुप्ता ने कहा कि सरकार की लापरवाही के कारण चीनी मिलों का यह आपराधिक कृत्य पिछले कई सालों से जारी है। इस आपराधिक कृत्य पर लगाम लगाने, हरीनगर चीनी मिल कानूनी कार्रवाई करने तथा किसानों के हुए नुक़सान का मुआवजा आदि सवालों पर 9 सितम्बर 2023 को नरकटियागंज अनुमंडल पदाधिकारी के समक्ष धरना-प्रदर्शन करने का आह्वान किया, आगे कहा कि धान और गन्ना के फसलों के साथ साथ जलीय जीव जो जहरीली पानी से मेरे हैं। किसानों के साथ साथ पर्यावरण को भी भारी नुकसान पहुंचा है। सरेह मे चारों तरफ सडांध व जहरीली पानी दिख रहा है। किसानों मे चीनी मिल प्रशासन और सरकार के खिलाफ रोष हैं।

श्री विधायक ने कहा कि भाकपा माले नेता सह अखिल भारतीय किसान महासभा सह गन्ना उत्पादक जिला संयोजक सुनील कुमार राव ने 5 सितम्बर को ही जिला अधिकारी को ज्ञापन सौंपा कर मामले की तत्काल जांच कर चीनी मिल किसानों को मुआवजा देने। और प्रतिवर्ष भारी नुकसान पहुंचाने वाले चीनी मिलों पर कानूनी कार्रवाई करने की मांग किया था मगर सरकार और प्रशासन कान में तेल डालकर अनसुना बना हुआ है 
जिसके खिलाफ 9 सितम्बर को चीनी मिल के खिलाफ कार्रवाई करने तथा किसानों को मुआवजा की मांग पर नरकटियागंज अनुमंडल पदाधिकारी के समक्ष धरना-प्रदर्शन होगा, माननीय विधायक वीरेंद्र प्रसाद गुप्ता के साथ केदार राम, सुरेश दुबे, मुखिया राजू वर्मा , नसरूल्लाह आदि नेताओं और सैकड़ों किसानों ने नुकसान हुएं फ़सल को दिखाया।