संवाददाता मोहन सिंह बेतिया
भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) की पश्चिम चम्पारण के पूर्व जिला सचिवमंडल सदस्य का. विजयनाथ तिवारी अब हमारे बीच नहीं रहे।वे लम्बे समय से बीमार चल रहे थे।आज उनके पैतृक गांव नौतन प्रखण्ड के मंगलपुर गांव में अंतिम विदाई दी गई।वे 80 साल के थे।

का. तिवारी जी अपने छात्र जीवन से ही मार्क्सवादी विचार से जुड़ गए।वे 1965 में बिहार राज्य छात्र संघ (बी एस एफ) की सदस्यता ली।1970 में एस एस आई की स्थापना होने के बाद एस एफ आई में शामिल हो गए।वे एस एफ आई के बिहार के संयुक्त सचिव रहे।16 मार्च 1974 को एस एफ आई के जुलूस पर बेतिया में गोली चली थी। जिसमें 7 छात्र शहीद हुए थे।जयप्रकाश नारायण के नेतृत्व में हुए 74 आंदोलन में वे जेल गए।वे अच्छे मार्क्सवादी विचारक भी थे।1922 के जिला सम्मेलन के समय पार्टी द्वारा निर्धारित समय सीमा से ज्यादा उम्र होने के चलते वे पश्चिम चम्पारण जिला कमिटी में विशेष आमंत्रित के रुप में शामिल होते रहे।बीमारी के चलते वे 24 वें जिला सम्मेलन में शामिल नहीं हो सके।

अंतिम विदाई में बिहार राज्य सचिवमंडल सदस्य का॰ प्रभुराज नारायण राव जिला सचिव का. चाँदसी प्रसाद यादव,प्रभुनाथ गुप्ता,शंकर कुमार राव, म. हनीफ,प्रकाश कुमार वर्मा,नीरज बरनवाल,सुशील श्रीवास्तव, म. वहीद,मनोज कुशवाहा, अनिल अनल, गोपालजी प्रसाद, अवध बिहारी प्रसाद,अशर्फी पटेल,प्रेम प्रसाद,अनबार अली ,म. सहीम ,आदि शामिल हुए।