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Bihar News: लाशों के ढेर का प्रधानमंत्री जिम्मेदार हैं

संवाददाता मोहन सिंह

बेतिया: बिहार राज्य किसान सभा के संयुक्त सचिव प्रभुराज नारायण राव ने कहा कि आज कोरोना संक्रमण से पूरा देश दहल गया है । दुनिया में कोरोना के मृत्यु दर में हम पहले स्थान पर हैं । ऑक्सीजन गैस की कमी भी मौत के दर को बढ़ाया है । टी वी पर 20 मिनट के संदेश में प्रधानमंत्री ने कोरोना से बचाव के लिए एक ही रामबाण दिया की क्वारेंटीन होने की जरूरत है ।
उन्होंने देश के इस संक्रमित हालत से जूझने की जिम्मेवारी राज्य सरकारों को देकर अब भी बंगाल चुनाव को प्राथमिकता में रखा है । जब चुनाव आयोग ने 5 सौ से ज्यादा लोगों की सभा पर पाबंदी लगा दी तो 5 सौ की भी सभा को संबोधित करने निकल जाते है ।
कोरोना से बिगड़ते हालात को देख सुप्रीमकोर्ट ने जब केंद्र सरकार पर लताड़ लगाई और ऑक्सीजन की व्यवस्था , वेक्सिन की आपूर्ति , मौतों के लिए जिम्मेवार का तमाचा जब केंद्र सरकार पर दिया , तो 23 अप्रैल को प्रधानमंत्री ने स्टील कंपनियों की मीटिंग कर कारखानों में खर्च होने वाले ऑक्सीजन को प्राण रक्षा के लिए मांग की । तो सभी कंपनियों ने ऑक्सीजन की पर्याप्त आपूर्ति का आश्वासन दे डाली ।
अगर प्रधानमंत्री 20 दिन पहले यह पहल की होती तो इतने बड़े पैमाने पर ऑक्सीजन के अभाव में मौतें नहीं हुई रहती ।
इतना ही नहीं महाराष्ट्र और दिल्ली के बिगड़ते हालात का जिम्मेवार भाजपा सरकार ने वहां के मुख्यमंत्रियों को बनाने की काम करती रही ।
कल ही प्रधानमंत्री ने मुख्यमंत्रियों की बैठक बुलाई । जब दिल्ली के मुख्यमंत्री केजरीवाल ने कोरोना वेक्सिन की दाम में दोहरी नीति की बात उठाई । तो आप प्रोटोकॉल के उलंघन के लिए केजरीवाल से माफी मंगवाई । आप भी तो मनकी बात आम लोगों से करते रहते हैं । अब आप से कौन बताए की मनकी बात निहायत ही अपने से की जाती है । फिर आपको तो कोई अपना है नहीं । इसलिए आप सबसे मनकी बात करते हैं । उसमें कोई गलती आपको नजर नहीं आती ।
आखिर केजरीवाल ने क्या कहा की वहीं वेक्सिन केंद्र सरकार को 150 रुपए में , राज्य सरकार को 450 रुपए में और निजी अस्पतालों को 650 रुपए में क्यों दी जा रही है । जब भारत सरकार को 150 रुपए में मिल रही है , तो भारत सरकार ही क्यों नहीं दे देती । जिसे 450 रुपए में तीन वेक्सिन मिलता ।
प्रधानमंत्री जी ऑक्सीजन वाली गाड़ियों को दिल्ली और महाराष्ट्र में जाने से आपके लोग और आपकी राज्य सरकारें क्यों रोक रही है ।
*प्रधानमंत्री जी आपसे और आपके राज्य सरकारों से बेहतर केरल की वाम मोर्चे की सरकार तो है हीं जो केरल के अलावे गोवा की भाजपा सरकार , तमिलनाडु , कर्नाटक की भाजपा सरकार , पांडिचेरी और लक्ष्यदीप को पर्याप्त मात्रा में यानी 20 हजार लीटर प्रति राज्यों को ऑक्सीजन बगैर किसी मुनाफे की नियत के आपूर्ति कर रही है । इसके लिए केरल के स्वास्थ्य मंत्री सैलजा टीचर को गोवा और कर्नाटक के मुख्यमंत्रियों ने धन्यवाद भेजा है । जबकि देश में जीवन रक्षक ऑक्सीजन गैस भारी मुनाफा लेकर बिक रहा है* प्रधानमंत्री जी जब आपने तीन सौ करोड़ की मूर्ति बनवाई , तभी केरल के मुख्यमंत्री पी विजयन ने 56 करोड़ का ऑक्सीजन प्लांट लगाया था । प्रधानमंत्री जी एक बार फिर केरल सरकार से तो सीखना ही पड़ेगा की यह हमारा देश है । जिसका नाम भारत है ।
प्रधानमंत्री जी इस संक्रमण काल में गरीबों के सामने भूख सबसे बड़ी समस्या है । उनके रोजगार की समस्या है । बाहर से घर आने की मजदूरों के सामने समस्या है । इसलिए आप अविलंब जो आयकर दाता नहीं है , उनके परिवार को 7500 रुपए विशेष सहायता , 10 किलो प्रति व्यक्ति के हिसाब से मुफ्त अनाज , रोजगार की व्यवस्था , स्वास्थ्य की पूरी गारंटी किया जाय ।
क्योंकि प्रधानमंत्री जी यहीं इस देश की जनता है । इसी आपको प्रधानमंत्री बनाया है और अपनी सुरक्षा के लिए बनाया है । जिसके लिए आपने कहा था की मैं इनका चौकीदार हूं । फोटो