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Bihar News: महात्मा ज्योतिराव फुले की 194वी जयंती बड़े हषोल्लास के साथ मनाई गई।

संवाददाता-राजेन्द्र कुमार

हाजीपुर वैशाली।राजापाकर-महात्मा ज्योतिराव फुले की 194वी जयंती समारोह राजापाकर प्रखंड अतर्गत अहिआई गांव मे सामुदायिक भवन के परिसर मे समाजसेवी अजय मालाकार के नेतृत्व मे आयोजन की गई।सर्वे प्रथम उपस्थित शिक्षाविद, समाजसेवी, बुद्धि जीवियो ने महात्मा ज्योतिराव फुले के तैल चित्र पर उन्हें नमन करते हूए श्रद्धा सुमन माला एवं पुष्प अर्पित किए।श्री अजय मालाकार ने उनके कृत्यों पर चर्चा करते हूए केन्द्र सरकार से मांग करते हूए कहा कि फूले दंपत्ति को भारत रत्न दिया जाए और सावित्रीबाई फुले के जयंती को शिक्षिका दिवस घोषित किया जाए।ज्योतिबा फुले देश के अद्बितीय समाज सुधारक,महान शिक्षाविद एवं कवि थे।सबसे पहले उन्होंने ही सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ आवाज उठायी थी।और कहा कि मनुष्य के लिए समाज सेवा से बढकर कोई बड़ा धर्म नही है।इसके कारण महात्मा गांधी और अंबेदकर भी उन्हें अपना आदर्श मानते थे।फुले दंपत्ति ने ही नारी शिक्षा की अलख जगाई थी।ज्योतिबा फुले ने बालिकाओं के लिए देश कि पहला विद्दालय खोला था मगर उस समय उनके इस प्रयास का ना सिर्फ विरोध किया गया बल्कि सामंती व्यवस्था से ग्रसित लोगो ने उस दौर मे उन्हें काफी यातनाएं देने का भी प्रयास किया।वही उनकी पत्नी सावित्रीबाई फुले ने संघर्ष मे उनका जीवन पर्यत साथ दिया और वह देश की प्रथम शिक्षिका बनी।सामाजिक कुरीतियों और नारी शिक्षा के क्षेत्र मे फुले दंपत्ति के योगदानों को कभी भुलाया नही जा सकता है।और इतिहास के पाठ्यक्रम मे इसे शामिल कर स्कूलों मे बच्चों को फुले दंपत्ति के प्रयासों के बारे मे पढाया जाना चाहिए।उपस्थित सभी लोगों ने महात्मा फुले के आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया।मौके पर विचार प्रकट करने मे सुधीर भगत,राजापाकर मालाकार, लक्ष्मी भगत,विशुनदेव भगत,मोहन मालाकार, प्रेम भगत,कमलेश कुमार, संजय पासवान, रत्नेश भगत,ओम प्रकाश कुमार, गोलु मालाकार,धर्मेन्द्र कुमार, अजय मालाकार, राइकबाल भगत,मोहन भगत एवं अन्य ग्रामीण उपस्थित थे।

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