संवाददाता : मोहन सिंह
स्थान : बेतिया, जिला पश्चिमी चंपारण (बिहार)
दिनांक : 10 मार्च 2026
पश्चिमी चंपारण जिले में राशन वितरण व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी तथा प्रभावी बनाने के लिए जिला प्रशासन लगातार सक्रिय है। इसी क्रम में जिला पदाधिकारी तरनजोत सिंह की अध्यक्षता में मंगलवार को समाहरणालय सभागार में जिला आपूर्ति टास्क फोर्स की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।

बैठक में राशन कार्ड, खाद्यान्न वितरण तथा धान अधिप्राप्ति से जुड़ी विभिन्न योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई।
राशन कार्ड और खाद्यान्न वितरण की समीक्षा
बैठक के दौरान राशन कार्ड की वर्तमान स्थिति, ऑनलाइन प्राप्त आवेदनों के निष्पादन, अनुमंडल पदाधिकारी एवं प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी के लॉगइन में लंबित आवेदनों, राशन कार्ड टैगिंग, ई-केवाईसी, जन वितरण प्रणाली (जविप्र) दुकानों के निरीक्षण, एसआईओ/डोर स्टेप डिलीवरी, राशन कार्ड के आधार पर खाद्यान्न वितरण, एफसीआई एवं सीएमआर खाद्यान्न के उठाव और वितरण सहित कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा की गई।

अपर समाहर्ता, जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी-सह-जिला आपूर्ति पदाधिकारी अनिल कुमार सिन्हा ने पीपीटी के माध्यम से अब तक की प्रगति की विस्तृत जानकारी जिला पदाधिकारी को दी।
मृत और फर्जी लाभुकों के नाम हटाने के निर्देश
समीक्षा के दौरान जिला पदाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिया कि मृत व्यक्तियों के नाम हर हाल में राशन कार्ड से हटाए जाएं। साथ ही फर्जी या संदिग्ध लाभुकों की विधिवत जांच की जाए। यदि जांच में लाभुक सही पाए जाते हैं तो उन्हें खाद्यान्न उपलब्ध कराया जाए, अन्यथा उनका नाम सूची से हटा दिया जाए।
उन्होंने कहा कि योग्य लाभुक किसी भी परिस्थिति में योजना से वंचित नहीं रहने चाहिए और अयोग्य व्यक्ति का नाम सूची में शामिल नहीं होना चाहिए।
जन वितरण प्रणाली दुकानों का नियमित निरीक्षण
जिला पदाधिकारी ने राशन कार्ड के लिए प्राप्त आवेदनों की जांच कर समय पर कार्ड जारी करने का निर्देश दिया। साथ ही सभी एमओ को रोस्टर के अनुसार नियमित रूप से जन वितरण प्रणाली दुकानों का निरीक्षण करने तथा पिछले एक वर्ष में किए गए निरीक्षणों की रिपोर्ट उपलब्ध कराने को कहा।
उन्होंने कहा कि लाभुकों को समय पर गुणवत्तापूर्ण खाद्यान्न उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। राशन वितरण में गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। यदि इसमें किसी एमओ की लापरवाही या संलिप्तता पाई जाती है तो उनके विरुद्ध भी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
खाद्यान्न परिवहन एजेंसियों पर कड़ी निगरानी
जिला पदाधिकारी ने कहा कि गोदाम से जविप्र दुकानों तक खाद्यान्न पहुंचाने वाली एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर विशेष नजर रखी जाए। यदि कोई एजेंसी लापरवाही करती है या निर्धारित वाहनों के स्थान पर कम वाहनों का उपयोग करती है तो उस पर नियमानुसार पेनाल्टी लगाई जाए तथा आवश्यकता पड़ने पर उसका एग्रीमेंट रद्द कर अन्य एजेंसी को कार्य दिया जाए।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि खाद्यान्न की गुणवत्ता के साथ किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। गुणवत्ता से संबंधित शिकायत मिलने पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी।
धान अधिप्राप्ति की भी हुई समीक्षा
बैठक में खरीफ विपणन वर्ष 2025–26 के तहत धान अधिप्राप्ति की स्थिति की भी समीक्षा की गई। जिला सहकारिता पदाधिकारी संजय कुमार सिन्हा ने बताया कि सहकारिता विभाग के पोर्टल पर कुल 25,041 किसान निबंधित हैं, जिनमें 17,839 रैयत एवं 7,202 गैर-रैयत किसान शामिल हैं।
धान अधिप्राप्ति के लिए 272 समितियों का चयन किया गया है, जिनमें 264 पैक्स और 8 व्यापार मंडल क्रियाशील हैं।
उन्होंने बताया कि 9 मार्च 2026 तक जिले में कुल 96,507.387 मीट्रिक टन धान की अधिप्राप्ति की जा चुकी है। इस प्रक्रिया में 10,675 किसान शामिल हुए हैं, जिनमें से 10,276 किसानों को भुगतान कर दिया गया है, जबकि शेष किसानों का भुगतान प्रक्रियाधीन है।
एक सप्ताह में प्रक्रिया पूरी करने का निर्देश
जिला पदाधिकारी ने निर्देश दिया कि धान अधिप्राप्ति की प्रक्रिया एक सप्ताह के भीतर पूरी कर ली जाए तथा जिला और प्रखंड स्तर पर प्रतिदिन अधिप्राप्ति रिपोर्ट उपलब्ध कराई जाए। साथ ही पैक्सों एवं मिलों का समुचित भौतिक सत्यापन सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने कहा कि सत्यापन रिपोर्ट में केवल वास्तविक स्थिति ही दर्ज की जाए। यदि इस कार्य में किसी भी पदाधिकारी द्वारा लापरवाही या शिथिलता बरती जाती है तो उनके विरुद्ध भी कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में अपर समाहर्ता-सह-जिला आपूर्ति पदाधिकारी अनिल कुमार सिन्हा, जिला सहकारिता पदाधिकारी संजय कुमार सिन्हा, डीएम एसएफसी सुमित कुमार सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित थे।