Agra News :बेतिया में पुलिस हिरासत में दिलशाद मियां की संदिग्ध मौत, परिजनों ने मांगी उच्चस्तरीय जांच
संवाददाता मोहन सिंह
बेतिया/पश्चिम चंपारण।
पश्चिम चंपारण जिले में पुलिस हिरासत के दौरान दिलशाद मियां की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। घटना के बाद मृतक के परिजनों ने पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाते हुए निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। वहीं, पुलिस सूत्रों के अनुसार, गिरफ्तारी के बाद रास्ते में वाहन से कूदकर भागने के प्रयास में दिलशाद गंभीर रूप से घायल हो गया था। उसे जीएमसीएच, बेतिया ले जाया जा रहा था, लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले उसकी मौत हो गई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सहोदरा थाना पुलिस ने बानुछापर ओपी के सहयोग से औरैया निवासी दिलशाद मियां, पिता अकबर मियां, को बीती रात करीब 12 बजे गिरफ्तार किया था। परिजनों के मुताबिक, सुबह करीब छह बजे गांव के सरपंच राकेश राम के माध्यम से उन्हें अस्पताल जाने की सूचना मिली। जब परिजन अस्पताल पहुंचे तो वहां दिलशाद का शव मिला।
मृतक की चाची शमीना खातून, पत्नी साहेब मियां, ने आरोप लगाया कि दिलशाद की मौत पुलिस हिरासत के दौरान हुई है। परिजनों ने घटना की परिस्थितियों पर संदेह जताते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और उन्हें न्याय दिलाने की मांग की है।

पुलिस के अनुसार, भागने के प्रयास में हुआ हादसा
पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, दिलशाद को एनडीपीएस मामले में हिरासत में लेकर सहोदरा थाना ले जाया जा रहा था। इसी दौरान उसने कथित तौर पर पुलिस वाहन से कूदकर भागने का प्रयास किया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। इसके बाद उसे जीएमसीएच, बेतिया ले जाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई।
हालांकि, घटना के संबंध में परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों और पुलिस की ओर से बताए गए घटनाक्रम के बीच मौत की वास्तविक परिस्थितियों का स्पष्ट होना जांच का विषय है। हिरासत में लिए गए व्यक्ति की मौत के मामले में घटनाक्रम, पुलिस की कार्रवाई और अन्य साक्ष्यों की निष्पक्ष जांच महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट से स्पष्ट हो सकेगी मौत की वजह
फिलहाल पुलिस शव का पोस्टमार्टम कराने की प्रक्रिया में जुटी है। मौत के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के निष्कर्ष महत्वपूर्ण होंगे। घटना के बाद मृतक के परिजनों और आसपास के ग्रामीणों में आक्रोश देखा जा रहा है। परिजन मामले की उच्चस्तरीय जांच कर दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
इस संबंध में बेतिया पुलिस की ओर से बताया गया है कि राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के दिशा-निर्देशों के आलोक में मामले की निष्पक्ष जांच के लिए आगे की विधिसम्मत कार्रवाई की जा रही है।
अब इस मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट, जांच के निष्कर्ष और संबंधित अधिकारियों की कार्रवाई पर सबकी निगाहें टिकी हैं। जांच पूरी होने के बाद ही दिलशाद मियां की मौत की वास्तविक परिस्थितियों का स्पष्ट खुलासा हो सकेगा।