संवाददाता : मोहन सिंह
बेतिया, पश्चिमी चंपारण।
विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर पश्चिम चंपारण के बेतिया स्थित बाल देखरेख संस्थान (पर्यवेक्षण गृह) में वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य संस्थान परिसर को हरित एवं स्वच्छ बनाना तथा यहां रह रहे किशोरों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करना था।

कार्यक्रम का शुभारंभ किशोर न्याय परिषद (जेेजेबी), पश्चिम चंपारण के माननीय प्रधान दंडाधिकारी एवं परिषद के सदस्यों द्वारा सामूहिक रूप से पौधारोपण कर किया गया। इसके पश्चात परिसर के विभिन्न हिस्सों में फलदार, छायादार एवं औषधीय पौधे लगाए गए।
इस अवसर पर प्रधान दंडाधिकारी ने कहा कि प्रकृति और मानव जीवन का संबंध अत्यंत गहरा है। बढ़ते प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने के लिए व्यापक स्तर पर वृक्षारोपण आवश्यक है। उन्होंने कहा कि पर्यवेक्षण गृह में इस कार्यक्रम के आयोजन का उद्देश्य बच्चों में पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी और संवेदनशीलता विकसित करना है।
उन्होंने कहा कि जब बच्चे स्वयं लगाए गए पौधों की देखभाल करेंगे और उन्हें बढ़ते हुए देखेंगे, तो उनके भीतर धैर्य, जिम्मेदारी और समाज के प्रति सकारात्मक सोच का विकास होगा। वृक्षारोपण केवल वर्तमान की आवश्यकता नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य की आधारशिला है।
पर्यवेक्षण गृह के प्रभारी अधीक्षक प्रमोद सिंह लोधी ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि संस्थान का उद्देश्य बच्चों को सकारात्मक एवं सुधारात्मक वातावरण प्रदान करना है। उन्होंने कहा कि लगाए गए पौधे न केवल परिसर को सुंदर बनाएंगे, बल्कि बच्चों को प्रकृति से जोड़ने का कार्य भी करेंगे।
उन्होंने आश्वस्त किया कि संस्थान के कर्मचारी एवं बच्चे मिलकर पौधों की नियमित देखभाल करेंगे और उन्हें सुरक्षित रखने का प्रयास करेंगे। साथ ही उन्होंने कार्यक्रम में शामिल अतिथियों का आभार भी व्यक्त किया।
कार्यक्रम में शिक्षक अंबुज अनुपम, शुभम सर्राफ एवं प्रभात कुमार झा सहित संस्थान के कर्मी और बच्चे उपस्थित रहे। शिक्षकों ने बच्चों को विश्व पर्यावरण दिवस के महत्व और पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकता के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने पौधों की सुरक्षा एवं संरक्षण का संकल्प लिया तथा पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया।