Bihar News : कालीबाग ओपी से मनुआ पुल तक 7.37 करोड़ की सड़क और नाला योजना का एकरारनामा, जल्द शुरू होगा निर्माण: गरिमा
संवाददाता मोहन सिंह
बेतिया, पश्चिमी चंपारण।
बेतिया नगर निगम क्षेत्र में कालीबाग ओपी थाना चौक से जमादार टोला होते हुए मनुआ पुल के समीप एनएच-727 तक सड़क एवं नाला निर्माण की महत्वाकांक्षी योजना को लेकर संवेदक द्वारा एकरारनामा कर लिया गया है। महापौर गरिमा देवी सिकारिया ने बताया कि योजना के तहत जल्द ही निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा।

महापौर के अनुसार, मुख्यमंत्री समग्र शहरी विकास योजना के तहत वर्षों से बदहाल एवं जर्जर सड़क के निर्माण के लिए डबल लेन पीसीसी सड़क के साथ आरसीसी नाला निर्माण की स्वीकृति दी गई है। योजना के लिए कार्यादेश भी जारी कर दिया गया है।
उन्होंने कहा कि सड़क की बदहाली और जलजमाव की समस्या से जूझ रहे इस शहरी क्षेत्र के लोगों को योजना के पूरा होने के बाद बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
8.88 करोड़ की अनुमानित लागत, 7.37 करोड़ में कार्यादेश
महापौर गरिमा देवी सिकारिया ने बताया कि योजना की निविदा के तुलनात्मक चार्ट के अनुसार इसकी अनुमानित लागत करीब 8.88 करोड़ रुपये निर्धारित की गई थी। निविदा प्रक्रिया में प्राप्त कम दरों के आधार पर मेसर्स एमएनटी डेवलपर्स लिमिटेड की करीब 7.37 करोड़ रुपये की दर सबसे कम रही। इसके आधार पर एजेंसी का चयन करते हुए कार्यादेश जारी किया गया है।
योजना के तहत निर्माण कार्य पूरा करने की अवधि 18 माह निर्धारित की गई है।
पीसीसी सड़क के साथ बनेगा आरसीसी नाला
महापौर ने बताया कि योजना का उद्देश्य केवल सड़क निर्माण तक सीमित नहीं है। डबल लेन पीसीसी सड़क बनने से कालीबाग ओपी, जमादार टोला और मनुआ पुल की ओर आने-जाने वाले लोगों को मजबूत और सुगम मार्ग उपलब्ध होगा।
वहीं, आरसीसी नाला बनने से बारिश के दौरान सड़क एवं आसपास के मोहल्लों में जमा होने वाले पानी की निकासी व्यवस्थित होने की उम्मीद है। इससे जलजमाव के कारण सड़क के क्षतिग्रस्त होने की समस्या पर भी अंकुश लगेगा।
एनएच-727 से बेहतर कनेक्टिविटी मिलने की उम्मीद
महापौर गरिमा देवी सिकारिया ने कहा कि नगर निगम क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं के ढांचागत विकास की दृष्टि से यह महत्वपूर्ण योजना है। इससे कालीबाग क्षेत्र को एनएच-727 से बेहतर कनेक्टिविटी मिलने के साथ स्थानीय यातायात व्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य पूरा होने के बाद सड़क, जल निकासी और आवागमन से जुड़ी समस्याओं के समाधान में लोगों को राहत मिलेगी तथा स्थानीय नागरिकों के साथ शहर में आने वाले लोगों को भी इसका लाभ मिलने की उम्मीद है।