Bihar News : बासगीत जमीन का पर्चा और 5 डिसमिल जमीन की मांग को लेकर खेत मजदूरों का दो दिवसीय अनशन सत्याग्रह शुरू
संवाददाता : मोहन सिंह
बेतिया/पश्चिमी चंपारण।
बासगीत जमीन का पर्चा और पांच डिसमिल जमीन देने सहित विभिन्न मांगों को लेकर अखिल भारतीय खेत एवं ग्रामीण मजदूर सभा (खेग्रामस) और भाकपा माले के आह्वान पर खेत मजदूरों ने 13 अगस्त से बैरिया प्रखंड कार्यालय के समक्ष दो दिवसीय अनशन सत्याग्रह शुरू किया। यह आंदोलन 13 और 14 अगस्त को 24 घंटे के सत्याग्रह के रूप में आयोजित किया जा रहा है।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए माले नेता एवं पूर्व जिला पार्षद सुनील कुमार राव ने कहा कि विकास के तमाम दावों के बावजूद बिहार आज भी देश के निर्धनतम राज्यों में शामिल है। भूमिहीनता और आवासहीनता की स्थिति गंभीर है। राज्य की बड़ी आबादी दशकों से जिस जमीन पर रह रही है, उसका मालिकाना हक संबंधी कागजात अब तक नहीं मिल सके हैं। उन्होंने कहा कि कई दलित-महादलित बस्तियों को आज तक नियमित नहीं किया गया है।
उन्होंने कहा कि आजादी के बाद दलित बस्तियों और मजदूरों के लिए पीएच एक्ट 1947 के तहत भूमिहीनों को बासगीत पर्चा देने का प्रावधान किया गया था। हालांकि, जमींदारपरस्त राजनीति और भू-नौकरशाही के कारण इस कानून का अपेक्षित लाभ गरीबों तक नहीं पहुंच सका। उन्होंने कहा कि 1980 और 1990 के दशक में भूमिहीनों के लिए राज्यभर में आवासीय कॉलोनियां बनाई गई थीं, लेकिन बाद में यह प्रक्रिया बंद हो गई। ऑपरेशन बसेरा भी पर्याप्त साबित नहीं हो रहा है।
भाकपा माले अंचल सचिव एवं मुखिया संघ के अध्यक्ष नवीन कुमार ने कहा कि खेग्रामस और भाकपा माले ने प्रखंड एवं अंचल कार्यालयों में दाखिल-खारिज और परिमार्जन में कथित अनियमितताओं, दलित-गरीबों को वास-आवास का अधिकार देने तथा बैरिया के नीतिश नगर में वर्षों से बसे लोगों के लिए प्रस्तावित बंदोबस्ती को लंबित रखने के खिलाफ लगातार आंदोलन चलाने का निर्णय लिया है।
उन्होंने कहा कि सामाजिक सुरक्षा पेंशन बढ़ाकर 3,000 रुपये प्रतिमाह करने, ग्रामीण रोजगार कानून के तहत काम देने, काम का उचित पारिश्रमिक देने, सभी जरूरतमंदों को राशन उपलब्ध कराने, पेयजल की समस्या का समाधान करने तथा राज्य के अकुशल मजदूरों के लिए न्यूनतम दैनिक मजदूरी 700 रुपये करने और इसे सख्ती से लागू करने सहित कई मांगों को लेकर यह सत्याग्रह शुरू किया गया है।
भाकपा माले नेता जोखू चौधरी ने कहा कि खेग्रामस और भाकपा माले का यह आंदोलन गांव-गरीबों का साझा आंदोलन है। उन्होंने कहा कि प्रखंड और जिला स्तर के बाद इस आंदोलन को राजधानी तक ले जाया जाएगा। उन्होंने सरकारी विद्यालयों को नवोदय विद्यालय के स्तर पर विकसित करने, पर्याप्त कक्षा-कक्षों का निर्माण कराने और शिक्षकों की भर्ती करने की मांग को भी आंदोलन में शामिल करने की बात कही।
इस मौके पर बिनोद कुशवाहा, मंगल चौधरी, अशोक कुशवाहा, ठाकुर साह, सुरेंद्र साह, अखिलेश प्रसाद, योगेंद्र चौधरी, अशोक मुखिया, छोटे मुखिया, शिवप्रसाद मुखिया, बाली चौधरी, बिनोद प्रसाद सहित अन्य लोग मौजूद थे।