ब्यूरो संवाददाता
जसवंतनगर (इटावा)। क्षेत्र के ग्राम जैनपुर नागर में आयोजित तीन दिवसीय “बौद्ध भीम कथा” कार्यक्रम का भावपूर्ण समापन हुआ। समापन अवसर पर सैकड़ों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया और बाबा साहेब के विचारों को आत्मसात करने का संकल्प लिया।

कथा वाचिका प्रेमा अम्बेडकर ने डॉ. भीमराव अम्बेडकर के जीवन से जुड़ी पीड़ादायक घटनाओं का मार्मिक वर्णन करते हुए सामाजिक समानता, शिक्षा और आत्मसम्मान का संदेश दिया। उन्होंने बताया कि एक समय ऐसा भी था जब बाबा साहेब को केवल जातिगत भेदभाव के कारण एक गिलास पानी तक नसीब नहीं होता था। स्कूल जीवन के दौरान उन्हें अन्य बच्चों से अलग बैठाया जाता था और कई बार प्यासा ही रहना पड़ता था, जो उस दौर के छुआछूत और भेदभाव की कठोर सच्चाई को दर्शाता है।
उन्होंने कहा कि विपरीत परिस्थितियों के बावजूद बाबा साहेब ने हार नहीं मानी और शिक्षा को अपना सबसे बड़ा हथियार बनाया। कठिन परिश्रम और दृढ़ संकल्प के बल पर उन्होंने उच्च शिक्षा प्राप्त कर देश के संविधान निर्माता के रूप में इतिहास रच दिया।
कथा के दौरान गौतम बुद्ध के विचारों का भी उल्लेख किया गया। उन्होंने बताया कि बुद्ध का संदेश करुणा, समानता और मानवता पर आधारित है, जिसे अपनाकर बाबा साहेब ने समाज को समानता और भाईचारे का मार्ग दिखाया।

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीण व श्रद्धालु उपस्थित रहे। कथा के दौरान कई श्रोता भावुक हो उठे। अंत में कथा वाचिका ने सभी से बाबा साहेब के बताए मार्ग पर चलने, शिक्षा को प्राथमिकता देने और समाज में फैले भेदभाव को समाप्त करने का आह्वान किया।
समापन अवसर पर आयोजन समिति द्वारा पत्रकारों एवं समाजसेवियों को सम्मानित किया गया। इस दौरान इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया वेलफेयर एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष सुघर सिंह सहित मेघ सिंह वर्मा, सुबोध पाठक, यशवंत चतुर्वेदी, प्रेम कुमार शाक्य, आलोक, आशीष कुमार, मनोज कुमार, आमीन भाई, सैफ तैमूरी, लालमन बाथम, ब्रजेश यादव, राहुल यादव, ऋषि पाल, चेतन जैन, रजत गुप्ता, सत्य नारायण राजपूत, राजू व सुशील कांत आदि ने कथावाचिका प्रेमा अम्बेडकर का पगड़ी पहनाकर स्वागत किया। आयोजन समिति ने सभी पत्रकारों को पटका व माल्यार्पण कर सम्मानित किया।
कार्यक्रम का उद्देश्य बाबा साहेब और भगवान बुद्ध के विचारों को जन-जन तक पहुंचाना रहा, जिससे समाज में समानता, भाईचारा और जागरूकता का प्रसार हो सके।