संवाददाता: मोहन सिंह
बेतिया/पश्चिमी चंपारण।
शिक्षा और परीक्षाओं में व्याप्त भ्रष्टाचार के खिलाफ संघर्ष तेज करने के राज्यव्यापी आह्वान के तहत गुरुवार को आइसा, आरवाईए एवं भाकपा (माले) के संयुक्त तत्वावधान में बेतिया में संकल्प सभा का आयोजन किया गया। इस अवसर पर शहीद पार्क से जुलूस निकाला गया, जो जिला मुख्यालय स्थित डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा स्थल तक पहुंचा। वहां सभा आयोजित कर विभिन्न मांगों को लेकर आवाज बुलंद की गई।

सभा को संबोधित करते हुए भाकपा (माले) के नेता सुनील कुमार राव ने कहा कि भाजपा सरकार अपने वादों से लगातार पीछे हटती रही है। उन्होंने शिक्षा व्यवस्था में व्याप्त भ्रष्टाचार के खिलाफ आंदोलन को और तेज करने का आह्वान किया। उन्होंने नगरनौसा आंदोलन से जुड़े सभी आंदोलनकारियों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने तथा आंदोलनकारियों के विरुद्ध जारी लुकआउट नोटिस और फोटो प्रकाशित किए जाने के मामले में सरकार से सार्वजनिक माफी की मांग की।
आरवाईए के जिला अध्यक्ष फरहान राजा ने कहा कि सिवान में आंदोलनकारियों पर कथित रूप से एके-47 से फायरिंग का आदेश देने वाले अधिकारी के खिलाफ अब तक कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने सरकार से इस मामले में जवाब देने की मांग की। साथ ही पुलिस की गोलीबारी अथवा लाठीचार्ज में घायल सभी आंदोलनकारियों को उचित मुआवजा देने की भी मांग उठाई।
सभा में वक्ताओं ने बिहार के विश्वविद्यालयों में की गई 300 प्रतिशत फीस वृद्धि वापस लेने, ऑनर्स पाठ्यक्रम में नामांकन के लिए 7.5 सीजीपीए की अनिवार्यता समाप्त करने, शिक्षा के बाजारीकरण पर रोक लगाने तथा निजी विश्वविद्यालय अधिनियम वापस लेने की मांग की।
वक्ता नवीन कुमार ने कहा कि राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) को भंग कर सभी रिक्त पदों पर अविलंब नियुक्तियां की जाएं। साथ ही डिग्री कॉलेजों को विश्वविद्यालयों से अलग करने वाले प्रस्तावित विधेयक को वापस लेने की भी मांग की।
सभा को सुरेंद्र चौधरी, संजय मुखिया, बिरेंद्र पासवान, संजय यादव, योगेंद्र यादव एवं धर्म कुशवाहा सहित अन्य वक्ताओं ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम के दौरान शिक्षा व्यवस्था में सुधार और छात्रों के हितों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया गया।