Agra News :आगरा के ताजगंज मोक्षधाम में कुत्ते की चिता जलाने का आरोप, कमेटी पदाधिकारियों पर केस दर्ज

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संवाददाता प्रताप सिंह आजाद

आगरा। ताजनगरी आगरा के ताजगंज स्थित मोक्षधाम में कुत्ते की चिता जलाने के आरोप को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। मानव अंतिम संस्कार के लिए निर्धारित श्मशान घाट पर कुत्ते का अंतिम संस्कार कराए जाने के मामले में हिंदूवादी नेता की शिकायत के बाद पुलिस ने कार्रवाई की है। मामले में मोक्षधाम की प्रबंधन कमेटी के पदाधिकारियों, प्रबंधक और कर्मचारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। घटना को लेकर क्षेत्र में चर्चा का माहौल है।

कुत्ते का अंतिम संस्कार कराने पर उठे सवाल
आरोप है कि ताजगंज मोक्षधाम में कुत्ते की चिता जलाकर उसका अंतिम संस्कार कराया गया। इस घटना को लेकर आपत्ति जताई गई और मामले की शिकायत पुलिस से की गई। शिकायतकर्ता ने श्मशान घाट के संचालन और प्रबंधन से जुड़े लोगों की भूमिका पर सवाल उठाए हैं।

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मानव अंतिम संस्कार के लिए इस्तेमाल होने वाले स्थल पर कुत्ते का अंतिम संस्कार कराए जाने की बात सामने आने के बाद विवाद ने तूल पकड़ लिया। शिकायत के आधार पर पुलिस ने संबंधित लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
कमेटी पदाधिकारियों और कर्मचारियों पर प्राथमिकी
इस मामले में मोक्षधाम की प्रबंधन कमेटी के पदाधिकारियों, प्रबंधक और कर्मचारियों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। शिकायत में घटना के अलावा अभद्रता किए जाने के आरोप भी लगाए गए हैं। पुलिस अब शिकायत में लगाए गए आरोपों और घटना से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है।

हालांकि, मामले में लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। प्राथमिकी दर्ज होने के बाद अब पुलिस की जांच पर सभी की नजरें टिकी हैं।
कमेटी अध्यक्ष अनिल जिंदल ने दी प्रतिक्रिया
विवाद के बीच कमेटी अध्यक्ष अनिल जिंदल की प्रतिक्रिया भी सामने आई है। उन्होंने कहा कि आगे से इस तरह की घटना नहीं होनी चाहिए। उनके इस बयान के बाद मामले को लेकर चर्चा और तेज हो गई है।

जांच के बाद स्पष्ट होगी पूरी तस्वीर
ताजगंज मोक्षधाम से जुड़े इस मामले में पुलिस की कार्रवाई के बाद घटना के वास्तविक तथ्यों को लेकर जांच महत्वपूर्ण हो गई है। पुलिस शिकायत में लगाए गए आरोपों, संबंधित लोगों की भूमिका और अभद्रता के आरोपों की पड़ताल कर रही है।

फिलहाल, मामले में प्राथमिकी दर्ज होने की पुष्टि से आगे की कार्रवाई जांच के निष्कर्षों पर निर्भर करेगी। पुलिस की जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि घटना किन परिस्थितियों में हुई और इसमें किसकी क्या भूमिका रही।

नोट: प्राथमिकी दर्ज होना आरोपों का न्यायिक रूप से साबित होना नहीं है। मामले में संबंधित पक्षों का विस्तृत बयान और पुलिस की आधिकारिक पुष्टि उपलब्ध होने पर खबर को और विस्तृत किया जा सकता है।

 

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