आगरा, 18 मार्च 2026। कालिंदी विहार रोड स्थित निर्माणाधीन बुद्धा पार्क के सौंदर्यकरण कार्य में खामियों को लेकर प्रशासन ने संज्ञान लिया है। भारतीय जाटव समाज संस्था द्वारा उठाए गए मुद्दों के बाद अब सुधारात्मक कदम उठाए जा रहे हैं।
संस्था के ज्ञापन के आधार पर मंडलायुक्त के निर्देश पर नगर आयुक्त अंकित खंडेलवाल ने नगर निगम के मुख्य अभियंता को कार्य में आवश्यक सुधार करने के निर्देश दिए हैं।

गौरतलब है कि 11 मार्च 2026 को भारतीय जाटव समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेन्द्र सिंह और प्रदेश अध्यक्ष नेत्रपाल सिंह के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने मंडलायुक्त को ज्ञापन सौंपा था। इसमें पार्क के सौंदर्यकरण में उपयोग किए जा रहे पत्थरों की गुणवत्ता और तथागत बुद्ध एवं उनके अनुयायियों की प्रतिमाओं के स्वरूप पर आपत्ति जताई गई थी।
संस्था का कहना था कि मौजूदा कार्य बुद्ध परंपरा और धम्म की गरिमा के अनुरूप नहीं है। उन्होंने मांग की थी कि पत्थरों की गुणवत्ता, रंग और प्रतिमाओं का स्वरूप ऐतिहासिक एवं धार्मिक मानकों के अनुसार सुनिश्चित किया जाए, ताकि यह पार्क भविष्य में एक महत्वपूर्ण आध्यात्मिक और अंतरराष्ट्रीय पहचान का केंद्र बन सके।
मंडलायुक्त के निर्देशों के अनुपालन में नगर आयुक्त ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं और इस संबंध में उपेन्द्र सिंह को पत्र भेजकर जानकारी भी दी गई है।
इसी क्रम में नगर निगम अधिकारियों ने भारतीय जाटव समाज के पदाधिकारियों के साथ बुद्धा पार्क का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कार्य की गुणवत्ता, पत्थरों के चयन और प्रतिमाओं के स्वरूप पर विस्तार से चर्चा हुई।
इस दौरान आर्किटेक्ट आदित्य कुमार, सुदेश यादव, प्रो. बी.डी. शुक्ला, पातीराम सागर, थाईलैंड निवासी भंते आमनात इतितोचे, अर्जुन सिंह, ए.के. सिंह और महिपाल सिंह सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।