Agra न्यूज़ :आगरा में राष्ट्रीय कॉन्क्लेव आयोजित, राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के क्रियान्वयन पर मंथन
संवाददाता प्रताप सिंह आजाद
आगरा, 27 अक्टूबर। डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय, आगरा में राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (NCTE), भारत सरकार की ओर से राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों की क्षमता निर्माण विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय कॉन्क्लेव का आयोजन किया गया। इसमें शिक्षक शिक्षा की गुणवत्ता को सुदृढ़ बनाने, MITRA (NMM) के प्रभावी कार्यान्वयन तथा डिजिटल प्लेटफॉर्म के उपयोग को बढ़ावा देने पर विचार-विमर्श किया गया।
कॉन्क्लेव का उद्देश्य राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के लक्ष्यों को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों की संस्थागत और तकनीकी क्षमताओं का विकास करना तथा शिक्षक शिक्षा के क्षेत्र में समन्वित प्रयासों को प्रोत्साहित करना रहा।
कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश की राज्यपाल एवं राज्य विश्वविद्यालयों की कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल, उत्तर प्रदेश सरकार के उच्च शिक्षा राज्य मंत्री योगेंद्र उपाध्याय, NCTE के अध्यक्ष प्रो. पंकज अरोड़ा, संस्कृत प्रमोशन फाउंडेशन के निदेशक प्रो. चाँद किरण सलूजा और डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. आशू रानी सहित विभिन्न राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों से आए शिक्षाविदों, नीति-निर्माताओं, शिक्षक-प्रशिक्षकों तथा संबंधित संस्थानों के प्रतिनिधियों ने सहभागिता की।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति के लक्ष्यों को हासिल करने पर जोर
कार्यक्रम का शुभारंभ स्वागत उद्बोधन के साथ हुआ। विश्वविद्यालय के डीन अकादमिक प्रो. मनु प्रताप सिंह ने अतिथियों एवं प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए राष्ट्रीय कॉन्क्लेव की प्रासंगिकता और शैक्षणिक महत्त्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने शिक्षक शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया।

NCTE के अकादमिक सलाहकार प्रो. दिनेश कुमार चतुर्वेदी ने कॉन्क्लेव की रूपरेखा, लक्ष्यों और उद्देश्यों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के उद्देश्यों को प्राप्त करने के लिए राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों के बीच बेहतर समन्वय, संस्थागत तैयारी और प्रभावी कार्यान्वयन आवश्यक है।
MITRA (NMM) के कार्यान्वयन पर तकनीकी सत्र
कॉन्क्लेव के प्रथम दिवस आयोजित तकनीकी सत्र का प्रमुख विषय राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अंतर्गत MITRA (NMM) को अपनाने के लिए राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों की क्षमता का निर्माण करना रहा। सत्र में इसकी अवधारणा, मार्गदर्शक सिद्धांतों, कार्यप्रणाली, कार्यान्वयन की रणनीतियों और डिजिटल प्लेटफॉर्म की उपयोगिता पर विस्तार से चर्चा की गई।
संस्कृत प्रमोशन फाउंडेशन के निदेशक प्रो. चाँद किरण सलूजा ने MITRA (NMM) के दृष्टिकोण, मार्गदर्शक सिद्धांतों और कार्यान्वयन की रूपरेखा प्रस्तुत की। वहीं, NTA के सलाहकार डॉ. ज्ञानेंद्र कुमार ने इसके क्रियान्वयन की रणनीति और संस्थागत स्तर पर इसकी उपयोगिता के बारे में जानकारी दी।
शिक्षा मंत्रालय की अकादमिक समन्वयक डॉ. पारुल सिंह ने MITRA के डिजिटल पोर्टल और मोबाइल एप्लिकेशन का प्रदर्शन किया। NCTE के तकनीकी सलाहकार सौरभ सिंह ने डिजिटल प्लेटफॉर्म की कार्यप्रणाली एवं तकनीकी विशेषताओं की जानकारी दी। इसके साथ ही NCTE के सलाहकार मुकुंद कुमार झा ने पोर्टल और मोबाइल एप्लिकेशन का व्यावहारिक प्रदर्शन किया।
डिजिटल पोर्टल के उपयोग और प्रशिक्षण पर चर्चा
दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रो. रजनी रंजन सिंह ने संवादात्मक सत्र का संचालन किया। इस दौरान प्रतिभागियों के प्रश्नों और जिज्ञासाओं पर चर्चा की गई। NCTE के वरिष्ठ अकादमिक सलाहकार सुनील बजाज ने MITRA के कार्यान्वयन से जुड़ी व्यावहारिक चुनौतियों, सुझावों और अनुभवों को साझा किया।
बिहार विश्वविद्यालय के प्रो. आशीष श्रीवास्तव ने डिजिटल पोर्टल पर व्यावहारिक प्रशिक्षण और ऑनबोर्डिंग प्रक्रिया की जानकारी दी। वहीं, NCTE की तकनीकी सहायता टीम के मनीष सिंह एवं उनकी टीम ने प्रतिभागियों को पोर्टल पर पंजीकरण, ऑनबोर्डिंग और डिजिटल प्लेटफॉर्म के प्रभावी उपयोग का प्रशिक्षण दिया।
तकनीकी सत्र के दौरान डिजिटल सुविधाओं के प्रदर्शन और व्यावहारिक प्रशिक्षण के माध्यम से प्रतिभागियों को MITRA (NMM) के उपयोग एवं कार्यान्वयन से संबंधित आवश्यक जानकारियां उपलब्ध कराई गईं। इसका उद्देश्य राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में इस पहल को अपनाने की प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाना रहा।
राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने दिया विशेष अध्यक्षीय उद्बोधन
कॉन्क्लेव में उत्तर प्रदेश की राज्यपाल एवं राज्य विश्वविद्यालयों की कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने विशेष अध्यक्षीय उद्बोधन दिया। उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के प्रभावी क्रियान्वयन, शिक्षक शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार, संस्थागत तैयारी, सामूहिक उत्तरदायित्व और शैक्षणिक नवाचार को बढ़ावा देने के महत्त्व पर जोर दिया।
उन्होंने शिक्षक शिक्षा को सशक्त बनाने, शैक्षणिक संस्थानों की कार्यक्षमता बढ़ाने और शिक्षा व्यवस्था में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए समन्वित प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया।
कॉन्क्लेव के माध्यम से विभिन्न राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों के प्रतिनिधियों को अपने अनुभव साझा करने और राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के क्रियान्वयन की रणनीतियों पर विचार-विमर्श करने का अवसर मिला।
डॉ. प्रमोद कुमार और मनीषा यादव ने किया संचालन
राष्ट्रीय कॉन्क्लेव का संचालन डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय, आगरा के आईटी संस्थान के शिक्षक डॉ. प्रमोद कुमार और सुश्री मनीषा यादव ने किया। कार्यक्रम के अंत में NCTE के सह-अकादमिक सलाहकार सुनील बजाज ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया।
यह राष्ट्रीय कॉन्क्लेव राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के उद्देश्यों की प्राप्ति, शिक्षक शिक्षा के सुदृढ़ीकरण तथा राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों में MITRA (NMM) के प्रभावी अंगीकरण की दिशा में महत्त्वपूर्ण पहल रहा। इसके माध्यम से संस्थागत सहयोग, तकनीकी दक्षता और शैक्षणिक समन्वय को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया।