वैशाली। बिहार के वैशाली जिले स्थित बीएमडी महाविद्यालय, दयालपुर में राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) के तत्वावधान में नई शिक्षा नीति में भारतीय ज्ञान परंपरा की भूमिका विषय पर एक स्मार्ट संगोष्ठी का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ कार्यक्रम पदाधिकारी प्रो. रवि रंजन कुमार द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया। इस अवसर पर महाविद्यालय के अवकाश प्राप्त शिक्षकों का सम्मान भी किया गया।
स्वागत भाषण में डॉ. श्याम रंजन प्रसाद सिंह ने कहा कि शिक्षा किसी से भी प्राप्त की जा सकती है, लेकिन गुरु का महत्व सदैव सर्वोपरि रहेगा। उन्होंने छात्रों से हमेशा अपने शिक्षकों का सम्मान करने की अपील की।

कार्यक्रम के मुख्य वक्ता डॉ. नवल किशोर शर्मा ने कहा कि नई शिक्षा नीति को समझना देश के भविष्य के लिए आवश्यक है। छात्रों को भारतीय ज्ञान परंपरा के साथ-साथ शिक्षकों से भी सीखते रहना चाहिए क्योंकि शिक्षक ही सच्चे मार्गदर्शक होते हैं।
डॉ. प्रमोद शर्मा ने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि जीवन में कभी भी गलत संगत और गलत रास्ते का चयन नहीं करना चाहिए। हमें सदैव सभी से सम्मानजनक व्यवहार करना चाहिए।
इसके अलावा डॉ. सुरेश कुमार मिश्रा, डॉ. तेज नारायण सिंह और डॉ. कौशल सिंह ने भी अपने-अपने विचार साझा किए।
कार्यक्रम का समापन डॉ. अखिलेश कुमार सिंह के संबोधन से हुआ तथा डॉ. जया चौधरी ने धन्यवाद ज्ञापन दिया।