संवाददाता मोहन सिंह
बेतिया /पश्चिम चंपारण।
जल जीवन हरियाली अभियान के तहत एक ओर सरकार जल संरक्षण को लेकर सख्त कदम उठा रही है, वहीं दूसरी ओर नल-जल योजना की लापरवाही पानी की भारी बर्बादी का कारण बन रही है . पश्चिमी करगहिया वार्ड नंबर 2, चूड़ा मिल के पास बड़े पुल के बगल में एक ऐसा दृश्य सामने आया है जिसे देखकर लोग हैरान हैं।

यहां नल-जल योजना के तहत बिछाए गए पाइप से प्रतिदिन हजारों लीटर पानी बिना रोक-टोक बह रहा है। यह दृश्य किसी झरने या वाटर पार्क जैसा प्रतीत होता है, लेकिन असल में यह सरकारी संपत्ति और प्राकृतिक संसाधनों की खुली बर्बादी है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, यह स्थिति कई महीनों से बनी हुई है, लेकिन संबंधित विभाग की ओर से अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। जल संरक्षण की दिशा में यह एक बड़ा सवाल खड़ा करता है कि आखिर इतनी बड़ी लापरवाही के बावजूद जिम्मेदार अधिकारी मौन क्यों हैं?
अब देखने वाली बात यह होगी कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस वीडियो के बाद प्रशासन कब तक हरकत में आता है और इस जल बर्बादी को रोकने के लिए ठोस कार्रवाई करता है।