संवाददाता राजेन्द्र कुमार
वैशाली /हाजीपुर।
हाजीपुर ,5 अक्टूबर।
जिला पदाधिकारी श्री यशपाल मीणा ने आज अपने पदाधिकारियों की टीम के साथ बरैला झील का निरीक्षण किया।
बरैला झील जंदाहा और पातेपुर प्रखंड में 1628 हेक्टेयर में फैला हुआ है। यहां पछी विहार है। यहां जाड़े में प्रवासी पक्षियों का बसेरा होता है।

जिला पदाधिकारी ने ऑफिसर्स की टीम के साथ आज सुबह बरैला झील का दौरा किया, स्थल का मुआयना किया। नाव में सवार होकर झील की पूरी स्थिति का आकलन किया। यह भी जाना की जाड़ा में कितनी बड़ी संख्या में साइबेरिया और अन्य मुल्कों के प्रवासी पक्षी यहां आकर बसेरा करते हैं।
उन्होंने वन प्रमंडल पदाधिकारी, वैशाली को निर्देश दिया कि वे इसके विकास के लिए समेकित योजना तैयार करें। उन्होंने कहा कि यहां इको टूरिज्म को बढ़ावा देने की दिशा में कार्य करें। सलीम अली जुब्बा सहनी पंछी अभयारण्य में अक्टूबर से फरवरी महीने तक प्रवासी पक्षियों का डेरा रहता है।
यह पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करता है। यहां साइबेरियन क्रेन, जांघिल, ओपन बिल स्टार्क जैसे पछी आते हैं। जिला पदाधिकारी ने निरीक्षण क्रम में ग्रामीणों से भी बातचीत की है। उन्होंने झील के विभिन्न स्थानों का भ्रमण किया और वहां की ऐतिहासिक और वर्तमान स्थिति का आकलन किया। उन्होंने स्थानीय लोगों से बरेला झील के संबंध में सांस्कृतिक एवं पुरानी जानकारियां हासिल की।
निरीक्षण के दौरान अपर समाहर्ता श्री बिनोद कुमार सिंह, एसडीएम, महुआ श्री किसलय कुशवाहा,
वन प्रमंडल पदाधिकारी श्री अमित कुमार, अंचलाधिकारी, रेंज ऑफिसर तथा पक्षी मित्र भी साथ में थे।