Bihar News गंडक नदी के कटाव से बगहा के ग्रामीण दहशत में

Bihar News Villagers of Bagaha are in panic due to erosion of Gandak river
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संवाददाता मोहन सिंह बेतिया 

बेमौसम बरसात बगहा में गंडक नदी एक बार फ़िर कटाव क़र रहीं है जिससे ग्रामीणों में दहशत है, मानसून सत्र में अभी बरसात भी नहीं हुईं है औऱ गंडक नदी का जलस्तर महज़ 15 हज़ार से 25 हज़ार क्यूसेक के करीब बेहद कम है बावजूद इसके गंडक नदी शहर में भीषण कटाव क़र रहीं है।

Bihar News Villagers of Bagaha are in panic due to erosion of Gandak river वाल्मीकि टाइगर रिज़र्व समेत कई एकड़ खेतों में लगे फ़सल वाली जमींन कटकर नदी में बिलिन हों रहीं है लिहाजा लोग शहर में कटाव से बचाव के लिए पक्के गाइड बांध का निर्माण करने कि मांग क़र रहें हैं । दरअसल नेपाल से निकलने वाली गंडक नदी स्वभाव से जलस्तर कम होनें पर कटाव तो जलस्तर बढ़ने पर बाढ़ जैसी मुसीबत पैदा करती है लेकिन इस बीच नदी कि धारा नें शहर कि ओर यूँ टर्न लिया है यहीं वज़ह है कि गंडक एक बार फ़िर 2007 कि तरह शास्त्रीनगर कि ओर मुड़ गईं है औऱ लगातार यहाँ कटाव जारी है हालांकि जल् संसाधन विभाग कि ओर से NH 727 व नदी किनारे बोल्डर पीचिंग किया जा रहा है लेकिन नदी के मुहाने पर हों रहें तेज़ी से कटाव के बाद लोगों कि मुश्किलें अभी से बढ़ गईं हैं। बताया जा रहा है कि गंडक नदी से 2007 में शास्त्रीनगर के इसी इलाके में कटाव कि विनाशलीला के बाद तकरीबन 500 परिवार बेघर हुए थे जिन्हें रामपुर के नीतीश नगर में बसाया गया था औऱ अब विगत तीन वर्षों से कटाव करते हुए गंडक शहर के करीब NH 727 से करीब 300 मीटर नजदीक आ गईं है लिहाजा ग्रामीणों औऱ किसानों कि चिंता बढ़ गईं है क्योंकि फ़सल लगे जमींन के बाद परती नदी के मुहाने पर दबाव औऱ हों रहें कटाव के बाद बचाव के कार्य पर सवाल खड़े हों रहें हैं।

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बता दें कि गंडक नदी सीमावर्ती नेपाल औऱ यूपी सीमा पर बगहा शहर समेत दियारावर्ती इलाकों से होकर गुजरती है जहाँ पनियहवा छितौनी रेल व सड़क पुल है ऐसे में लोग वर्षों से यह मांग क़र रहें हैं कि पुल कि पाया से नदी किनारे शहरी तट पर अगर पक्के गाइड बांध का निर्माण करवा दिया जाये तो शहर को पूरी तरह बचाया जा सकता है। अब देखने वाली बात होगी कि मानसून कि शुरुआत औऱ बरसात के बाद ज़ब वाल्मीकिनगर गंडक बराज से भारी मात्रा में 3-4 लाख क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज किया जायेगा औऱ बाढ़ जैसे हालात होंगे तक जलस्तर गिरने के बाद यहाँ क्या स्थिति होगी…!

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