संवाददाता -मोहन सिंह बेतिया
*==सिटी मैनेजर की कर्तव्यहीनता उजागर करने वाली जन शिकायत पर महापौर ने जारी किया त्वरित और कड़ी तत्काल प्रभाव से रोक लगाने के साथ ही महापौर ने मुख्यमंत्री को भेजा हजारी बगीचा को नेशनल पार्क के रूप में विकसित करने का अनुरोध,*
*==कई एकड़ विस्तार वाले हजारी बगीचा को पक्षी अभ्यारण्य के रूप में विकसित कराने का किया है मुख्यमंत्री से अनुरोध,*
नगर निगम की महापौर गरिमा देवी सिकारिया ने शहर ऐतिहासिक धरोहर हजारी पशु मेला बगीचा में कचरा गिराने पर तत्काल रोक लगाने का आदेश नगर आयुक्त शंभू कुमार को दिया है।

नगर के सामाजिक कार्यकर्त्ता रूपेश कुमार के द्वारा प्रस्तुत विडियो साक्ष्य के साथ शिकायत को महापौर ने बेहद गंभीरता के साथ लिया है। उन्होंने नगर आयुक्त को प्रेषित अपने कड़े पत्र में यह भी लिखा है कि- आप अवगत हैं कि माननीय एनजीटी के द्वारा भी हजारी बगीचा के पशु मेला ग्राउंड कचरा गिराने पर घोर आपत्ति की गई है। महापौर श्रीमती सिकारिया ने बताया कि इसको लेकर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के द्वारा 42 लाख का जुर्माना लगाने की लिखित चेतावनी दी गई है।बावजूद इसके वहां कचरा गिराने का अपराध अब भी लगातार किया जा रहा है। महापौर श्रीमती सिकारिया ने यह भी लिखा है कि इस अपराध में सिटी मैनेजर अरविंद कुमार की भी सहभागिता साबित होने की शिकायत के साथ साक्ष्य भी शिकायतकर्त्ता रूपेश कुमार के द्वारा प्रस्तुत किया गया है। इसको लेकर उन्होंने निर्देश दिया है कि स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तत्काल कार्रवाई करते हुए हजारी मेला ग्राउंड में कचरा गिराने पर कारगर रोक लगवाना सुनिश्चित करें। इसके साथ ही महापौर ने बताया कि इस ऐतिहासिक धरोहर को राष्ट्रीय स्तर के एक पार्क सह पक्षी अभ्यारण्य में इसको विकसित करने के लिए प्रस्तुत आवेदन के साथ महापौर का भी अनुशंसा पत्र संलग्न किया गया है।
कई एकड़ विस्तार वाले शहर के ऐतिहासिक हजारी बगीचा को पूरे नगर निगम क्षेत्र के पर्यावरण संरक्षा के लिए राष्ट्रीय स्तर के पार्क के साथ इसको पक्षी अभ्यारण्य के रूप में विकसित कराने का अनुरोध मुख्यमंत्री से उनके द्वारा किया गया है।