संवाददाता मोहन सिंह बेतिया
पं. चम्पारण में रेल राज्यमंत्री भाजपा नेताओं को चुनाव जीताने का तिकड़म सिखाने आए थे। जिस क्रम में भाजपा कार्यकर्ताओं ने जोर-जोर से झूठ बोलना सीखा। जिसमें तत्कालीन माननीय रेल मंत्री नीतिश कुमार द्वारा पनियहवा- तुमकही रेल लाइन के सुर्वे और भारतीय के पूर्व रेल मंत्री लालू प्रसाद द्वारा रेल लाइन की आधारशिला रखे जाने के कार्य को भाजपा कार्यकताओं द्वारा अपनी सरकार का काम गिनाया जाने लगा है। भाजपा कार्यकर्ता रेल परियोजना के चालू होने में बिहार सरकार और इससे जुड़े पदाधिकारियों को दोष देने लगे। जबकि हकीकत यह है कि बिहार में रेल लाइन के भूमि अधिग्रहण हो चुका है और लगभग सभी किसानों का पैसा भी मिल चुका हो, लेकिन उतरप्रदेश की भाजपा सरकार रेल लाइन के भूमि का अधिग्रहण ही नहीं कर सकी है। भाजपा के लोगों को झूठ बोलने में शर्म नहीं आती।
मोदी सरकार में तो बगहा से बेतिया – मुजफ्फरपुर तक की छोटी दूरी की रेल यात्रा को भी चम्पारण के लोग भूलने लगे – सारी लोकल ट्रेने बंद कर की गई है. लम्बी दूरी की सरी ट्रेने राज्यों में पलायन करने वाले मजदूरों से काफी कष्ट और महंगी यात्रा करनी पड़ती है। भाजपा राज में रेल की बर्बादी और निजीकरण साथ-साथ चल रहा ही है, ऐसा कभी नहीं हुआ था। उक्त बातें भाकपा(माले) सह सिकटा विधायक वीरेंद्र प्रसाद गुप्ता ने आगे कहा कि भाजपा झूठ बोलने में विश्व गुरु बन चुकीं है और उनके उनके नेता पुरे देश में घुम घुम कर झूठ बोल रही है माले नेता ने रेल राज्य मंत्री के चम्पारण दौरे पर झूठे दावे पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त कर रहे थे। माले नेता ने आगे कहा कि भाजपा के लोग वाल्मीकिनगर में भंसार खोलने का मार्ग प्रशस्त करने वाले स्व. वैद्यक महतो के कार्य को भी बेशर्मी से अपना कार्य बता रहीं हैं , माले नेता ने कहा फुरे देश की तरह पश्चिम चम्पारण भी मोदी राज में और पिछड़ गया।
उनका मिशन 2024 पुरे रेल की तरह देश को बर्बाद करने का मिशन है। जिसे भारत की जनता सफल नही होने देने के लिए कृत संकल्प है।